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चक्रवात यास के तबाही में देवदूत बनी NDRF की टीम, मलबे में दबे 6 माह के बच्चे को बचाया

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

कोलकाता: चक्रवात ताउ-ते ने जिस तरीके से पश्चिमी प्रदेशों में तबाही मचाई थी, ठीक उसी प्रकार यास ने भी पूर्वी इलाकों में अपना कहर बरपाया है। ताउ-ते को तबाही का मंजर देखने के बाद सरकार चक्रवात यास के आने से पहले ही सभी तैयारी कर ली थी। इसी का परिणा है कि इस चक्रवात से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। यास का असर ओडिशा और बंगाल दिखने में लगा है। जिस तरह से यहां भीषण तूफान तांडव मचा रहा उससे हाजारों पेड़ और कई कच्चे मकानों को तहस-नहस करके रख दिया है।

आपको बता दें कि लगभग 140 किमी प्रति घंटे से तेज हावाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है। इससे निपटने के लिए NDRF और SDRFकी टीमें तैनात हैं। जहां वह अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचनाने में लगे हुए हैं। ओडिशा के बालासोर में एक मकान गिर गया और परिवार बुरी तरह से फंस गया। जिसमें एक 6 महीने का बच्चा भी शामिल था। जो कि मिट्टी के नीचे दवा हुआ था।इन जवानों ने देवदूत बनकर परिवार और बच्चे को बचा लिया।

बालासोर में सुबह से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण लोग अपने घरों बाहर नहीं निकल सके। ऐसे में एक कच्चे मकान की दीवार टूटकर गिर गईं और परिवार फंस गया। NDRF टीम को जैसे ही जानकारी मिल तो वह फौरन मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद उनको निकालकर सरकारी स्कूल में बनाए गए  अस्थाई शेल्टर होम में पहुचाया गया।

मौसम विभाग ने पहले ही ओडिशा और बंगाल के कई जिलों में चेतावनी दी है। पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में पानी भर चुका है। टीय जिलों में कई पुल टूट गए हैं। जिसके चलते गांव में पानी भरने लगा है। विद्याधारी, हुगली और रूपनारायण समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।

चक्रवात यास से निपटने के लिए NDRF की करीब 100 टीमों को लगाया गया है। वह तटीय इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही हैं। जो जहां फंस गया है उसे वहीं से रेस्क्यू किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों से अभी तक एनडीआरएफ टीम की तरफ से करीब 12 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

कोलकाता में सेना के 9 बचाव दल लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। वहीं मेदिनीपुर में तैनात आर्मी की टीम ने पानी में फंसे 32 लोगों को रेस्क्यू कर बचाकर सुरक्षित जगह पहुंचा दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बुधवार को उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। कई हवाईअड्डा मंगलवार रात से बंद हैं जो कि गुरुवार शाम तक बंद रहेंगे। वहीं . दक्षिण पूर्व रेलवे ने भी कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

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