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MP News: प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना हमारी जिम्मेदारी – CM डॉ. मोहन यादव

स्वच्छ जल अभियान का औपचारिक शुभारंभ, अमृत रेखा एप से होगी निगरानी...

By: Abhinav Tiwari 
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MP News: प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना हमारी जिम्मेदारी – CM डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगरीय निकायों और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री सागर जिले के प्रवास से लौटने के बाद राज्य विमानतल स्थित सभा कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर के नगरीय निकायों के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

दो चरणों में चलेगा स्वच्छ जल अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में “स्वच्छ जल अभियान” की शुरुआत की जा रही है, जो दो चरणों में संचालित होगा। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चलेगा। अभियान के अंतर्गत पेयजल की गुणवत्ता, पाइपलाइनों की स्थिति और जल स्रोतों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छ पेयजल प्रदाय के कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां कहीं पाइपलाइनों में लीकेज या दूषित जल की समस्या है, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अमृत रेखा एप और तकनीक का होगा व्यापक उपयोग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकाय विभाग द्वारा तकनीक आधारित एप का उपयोग प्रारंभ किया जाना सराहनीय है। अमृत रेखा और जीआईएस आधारित एप के माध्यम से जल शोधन संयंत्रों, पेयजल टंकियों, पाइपलाइनों और सीवेज नेटवर्क की निगरानी की जाएगी। रोबोटिक तकनीक से पाइपलाइन लीकेज की जांच और रेंडम सैंपलिंग के जरिए जल गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा।

हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई”

स्वच्छ जल अभियान के तहत आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक मंगलवार “जल सुनवाई” आयोजित की जाएगी। इसके अलावा 181 हेल्पलाइन पर पेयजल संबंधी शिकायत दर्ज कराने की विशेष व्यवस्था की गई है। शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण कर आवेदक को सूचित किया जाएगा।

स्वच्छ जल अभियान के प्रमुख बिंदु

अभियान के अंतर्गत सभी जल शोधन संयंत्रों और पेयजल टंकियों की सफाई, वाटर और सीवेज पाइपलाइनों की जीआईएस मैपिंग, इंटर प्वाइंट्स की पहचान, दूषित मिश्रण रोकने की कार्रवाई और सभी पेयजल स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच की जाएगी। अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। दूषित पेयजल की आपूर्ति किसी भी स्थिति में न हो, और यदि जल स्रोत दूषित पाए जाएं तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई को गंभीरता से लागू किया जाए।

बैठक में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता

वीडियो कॉन्फ्रेंस में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश के महापौर, नगर निगम अध्यक्ष, कलेक्टर, कमिश्नर, जिला पंचायत सीईओ और नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी तथा जनजागरूकता अभियानों को स्वच्छ भारत मिशन और स्वास्थ्य विभाग से जोड़ने की योजना साझा की।

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