इंदौर: कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर इंदौर में दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष रोजगार पोर्टल का निर्माण किया गया है, जो नौकरी की तलाश में दिव्यांगजनों और नियोक्ताओं के बीच एक पुल का काम करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से बड़ी कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों, अस्पतालों, और होटलों में रिक्त पदों के लिए दिव्यांगजन रोजगार पा सकेंगे। कलेक्टर ने इस पोर्टल को अधिक प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक दिव्यांगजनों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कैसे काम करेगा रोजगार पोर्टल?
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि इस पोर्टल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार प्रदान करना है। इसके माध्यम से नियोक्ता भी अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन प्राप्त कर सकेंगे। नियोक्ता पोर्टल पर अपनी रिक्तियों को अपलोड कर सकेंगे, जहां से योग्य दिव्यांगजन अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर कार्य अनुभव और व्यक्तिगत जानकारी साझा कर सकते हैं। पोर्टल की वेबसाइट www.divyangjobs.info पर जाकर दिव्यांगजन पंजीकरण कर सकते हैं।
ग्राम रोजगार अभियान की समीक्षा
बैठक के दौरान ‘हर ग्राम रोजगार’ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस अभियान के तहत इंदौर जिले की ग्राम पंचायतों में रोजगार-उन्मुख इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। 428 युवाओं के बैंक प्रकरणों में से 142 को 29 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक का लोन स्वीकृत किया गया है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, सामाजिक न्याय विभाग की सुचिता बेक तिर्की और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
इंदौर में दिव्यांगजनों के लिए नया रोजगार अवसर
इस नई पहल से इंदौर जिले के दिव्यांगजनों के लिए नौकरी प्राप्त करना अधिक सरल होगा, जिससे वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकेंगे।