रिपोर्ट: सत्यम दुबे
मिर्जापुर: बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के बाद अब मां विध्यंवासिनी की नगरी विंध्याचल को भी कॉरिडोर के माध्यम से संवारा जा रहा है। कयास लगाया जा रहा है कि अक्टूबर में पीएम मोदी विश्वनाथ धाम के सौगात दे सकते है, तो वहीं दूसरी ओर एक अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विंध्यवासिनी कॉरिडोर की नींव रखने जा रहे है।

आपको बता दें कि इसके साथ ही मिर्जापुर में त्रिकोण शक्ति पीठ के दर्शन पहाड़ों के माध्यम से कराने के लिए रोप वे का शुभारंभ भी एक अगस्त को होगा। मां विंध्यवासिनी के दरबार विंध्याचल की मौजूदा तस्वीरें अब वहां की सजावट और सुंदरता को बयां कर रही है। पहले माता के धाम में पहुंचने के लिए सकरी गलियों से होकर जाना पड़ता था। अतिक्रमण से घिरे मंदिर और उसके गर्भगृह में भक्त मां के दरबार में पहुंचते थे। शायद ही किसी ने बाहर से मंदिर को देखा होगा। लेकिन अब वहां की स्थिति काफी बदल गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी के दरबार को संवारने सजाने के साथ उसके पैराणिक महत्व को वापस दिलाने का संकल्प लिया है। इसके बाद प्रशासन ने यहां कॉरिडोर बनाने का खाका खींचा। पहले चरण में मंदिर के चारों तरफ करीब 50 फीट का परिक्रमा मार्ग बनाने का काम शुरू भी हो गया है। इसके लिए जो भी भवन दुकान खरीदे गए, उन्हें ध्वस्त करके चौड़ा रास्ता निकालने निकाल लिया गया है।
बाबा विश्वनाथ मंदिर की तरह मां विंध्यवासिनी दरबार को भी चारों ओर से अतिक्रमण से मुक्त कराकर मां गंगा के साथ चार चौड़े रास्तों के जरिए मुख्य सड़क से जोड़ा जा रहा है। आपको बता दें कि काशी, प्रयाग के बीच मां विंध्य्वासिनी ही उस धार्मिक त्रिकोण का बिन्दू हैं जिसके बिना वो धार्मिक यात्रा पूरी नहीं होती, जिसका वर्णन शास्त्रों में हैं। शास्त्रों में वर्णन है कि शिव को शक्ति मां पार्वती से मिलती है। इसका सीधा प्रमाण विंध्य और काशी से है। इसलिए बिना विंध्यवासिनी के काशी में महादेव का शृंगार अधूरा है।
मिर्ज़ापुर जिले के कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा ने बताया कि इसके निर्माण के लिए पहले चरण में 150 करोड़ का बजट निर्धारित हुआ है और यात्री सुविधाओं के लिहाज से विकसित किया जाएगा। फिलहाल परिक्रमा मार्ग अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है। अब आप मां विध्यंवासिनी के दर्शन के साथ ही मां गंगा का भी दर्शन मंदिर परिसर से कर सकते हैं।