मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक लिखते है, 1918 में स्पेनिश फ्लू से 50 करोड़ लोग बीमार पड़े वही 5 करोड़ लोग मारे गए। आज की पीढ़ी ने वायरस क्या होता है उसका भयावह रूप नहीं देखा है।
कुछ लोगों को यह मजाक लगता है वहीं कुछ लोगों की जरूरतें ऐसी है की उन्हें इस वायरस की चिंता ही नहीं है लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे दौर में आगे रहना होता है और लॉकडाउन का निर्णय पीएम मोदी ने सभी के हित में लिया है।
आज लोगों को यह सोचना चाहिए की क्या आज से पहले उन्होंने लॉकडाउन देखा है ? क्या कभी रेल और हवाई जहाज बंद होते देखे है ? सड़के सुनसान देखी है ?
कोरोना नाम की मौत सड़क पर घूम रही है और आपके परिवार की जान खतरे में है।
क्या आप चाहेंगे की इस मौत को आप घर लेकर आये ? कुछ दिनों की बात है सब्र करिये।
गलियों सड़को और चौराहों पर मत बैठिये। बेमतलब की खरीददारी करने मत भागिए वरना सिर्फ हाथ मलने के अलावा कुछ चारा नहीं होगा।
इसके अलावा जिनको कोरोना है और जो उनके संपर्क में आये है वो खुद सामने आये, वरना आपकी एक गलती आपके निकट के लोगों पर भारी पड़ेगी।
मुरादाबाद में कई लोग पॉजिटिव आये है और अगर समय रहते उनके सम्पर्क में आये लोगों की जांच नहीं की तो समस्या आन पड़ेगी।
अमेरिका और इटली जैसे विकसित देशों में लाखों जान जाने का अनुमान है, हज़ारों तो मर गए है इसलिए जो भी जानकारी नहीं देगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जायेगा।
आज के समय में मेडिकल टीम भगवान का रूप है और उन पर हमला शर्मनाक है।
अंत में, जो भी लोग ज़िम्मेदार है उनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है और आगे भी लिया जाएगा। कानून का साथ दे और लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन करे।