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मोहन कैबिनेट के युगांतरकारी फैसले: सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य से लेकर जनजातीय विकास तक बड़े निर्णय

वंदे मातरम के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक

By: Abhinav Tiwari 
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मोहन कैबिनेट के युगांतरकारी फैसले: सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य से लेकर जनजातीय विकास तक बड़े निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित हालिया मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम गान के साथ प्रारंभ हुई। बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए।

1. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में बड़ी उपलब्धि

कैबिनेट में बताया गया कि बालाघाट को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है, जो प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार तथा आउट ऑफ टर्म प्रमोशन देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही बालाघाट के समग्र विकास को गति देने के लिए अगली ‘कृषि कैबिनेट’ बैठक वहीं आयोजित करने का फैसला भी लिया गया।

2. कृषि और किसान कल्याण पर विशेष फोकस

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है। किसानों के हित में कई अहम फैसले किए गए-

  • धान उपार्जन: इस सीजन में समर्थन मूल्य ₹2369 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष से ₹69 अधिक है।

  • गेहूं उपार्जन: गेहूं पंजीकरण प्रक्रिया 7 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगी। समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है।

  • किसानों को उपज का भुगतान आधार लिंक बैंक खातों में 15 दिन से एक माह के भीतर सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

3. स्वास्थ्य और सामाजिक सुधारों को मजबूती

कैबिनेट में स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की जानकारी दी गई।

  • मातृ मृत्यु दर (MMR) 173 से घटकर 142 और

  • शिशु मृत्यु दर (IMR) 41 से घटकर 37 पर आ गई है।

टीबी उन्मूलन में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। सिकल सेल के लिए व्यापक स्क्रीनिंग और उपचार सुविधाएं विकसित की गई हैं।आयुष्मान भारत योजना के तहत मध्य प्रदेश 4.43 करोड़ कार्ड जारी कर देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा पेंशन नियमों में मानवीय सुधार करते हुए 2005 के बाद लागू नई पेंशन योजना (NPS) के अंतर्गत नियम-206 में संशोधन किया गया है। अब तलाकशुदा पुत्री को भी पारिवारिक पेंशन का पात्र बनाया गया है।

4. वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर अब 24 हो गई है, जिनमें हाल ही में जन्मे शावक भी शामिल हैं। वन क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से इंदौर के चिड़ियाघर में सफेद टाइगर लाने और वन्यजीवों के लिए एक नए रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की योजना को भी मंजूरी दी गई।

जहां चिड़ियाघर (जू) बनाए जाते हैं, वहीं एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा, ताकि घायल पशुओं का उपचार कर उन्हें स्वस्थ होने तक जू परिसर में रखा जा सके।- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

5. जनजातीय विकास और आधारभूत सुविधाएं

कैबिनेट ने ‘धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत 63 हजार घरों और संस्थानों के विकास के लिए ₹366 करोड़ की स्वीकृति दी। जहां बिजली पहुंचाना कठिन है, ऐसे ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में ₹97 करोड़ की लागत से 8,521 घरों में सोलर प्लग बैटरी के माध्यम से बिजली पहुंचाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा हाई कोर्ट में कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है।

वहीं आहार अनुदान योजना, एकीकृत छात्रावास योजना और सीएम राइज स्कूल सहित सभी योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी है।

6. आगामी कार्यक्रम और विधानसभा सत्र

कैबिनेट में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई-

  • 19 मार्च से गुड़ी पड़वा के अवसर पर पूरे प्रदेश में विक्रम उत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा।
  • विधानसभा का अगला सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होगा और 18 फरवरी  को राज्य का बजट पेश किया जाएगा, जिसके संतुलित और विकासोन्मुखी होने की उम्मीद जताई गई है।

  • जनजातीय कार्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति।

मोहन कैबिनेट की यह बैठक सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और जनजातीय विकास के क्षेत्रों में मध्य प्रदेश को नई दिशा देने वाली साबित हुई है।

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