रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: टेलीकॉम के क्षेत्र में भारत मौजूदा वक्त में 5G की ओर कदम बढ़ा दिया है। वहीं दूसरी तरफ देश के लगभग सभी कोनें में 4G की पहुंच हो गई है। तेजी से बढ़ रही तकनीक के साथ मोबाइल लोगों की पहली प्राथमिकता हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तकनीक के इस युग में आज भी देश कई इलाके ऐसे हैं, जहां मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं पहुंच पाई है। आज हम आपको एक ऐसे इलाके से रुबरु करवाते हैं, जहां आजादी के 70 सालों के बाद इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंची है।
आपको बता दें कि आजादी के 70 साल बाद पहली बार पहली बार पूर्वी लद्दाख के सीमावर्ती गांव को मोबाइल कनेक्टविटी मिली है। साल 1947 से अबतक इस गांव में मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं पहुंच सकी थी। पहली बार इस इलाके को मोबाइल फेसेलिटी मिली हैं। इस दुर्गम इलाके में BSNL का टॉवर लगा है।
Connecting India – Remote village near Pangong Lake in Ladakh gets mobile connectivity for the first time. pic.twitter.com/DsxaLV9VQu
— Prasar Bharati News Services पी.बी.एन.एस. (@PBNS_India) March 5, 2021
चुशूल से पार्षद कोंचोक स्टैनजिंन ने BSNL टॉवर का उद्घाटन किया। मोबाइल फेसेलिटी मिलते ही गांव के लोग बेहद खुश हैं। अपनों से बातें करते हुए उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। मेराक और खाकटेड गांवों में मोबाइल कनेक्टविटी शुरू हो गई है।
आपको बता दें कि देश में मोबाइल क्रांति हुए लगभग 25 साल से उपर हो गया है। पहली बार मोबाइल के इस्तेमाल की बात करें तो पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम से 31 जुलाई 1995 को पहली बार मोबाइल कॉल कर बात की थी। जिसके बाद देश में ऐसी क्रांति आई कि मोबाइल लोगो के जीवन का एक अहम हिस्सा हो गया है।
इतना ही नहीं पहली बार MobileNet नेटवर्क का इस्तेमाल करके कोलकाता के राइटर्स बिल्डिंग से दिल्ली स्थित संचार भवन के बीच 1995 को पहली बार की गई थी। आपको बता दें कि इस सर्विस को लोगों तक पहुंचाने में नोकिया के हैंडसेट की मदद ली गई थी।
आज भारत खुद कई मोबाइल का निर्माण करता है, वहीं BSNL नेटवर्क के माध्यम से अपनी पहुंच देश के दुर्गम इलाकों में भी पहुंचा रहा है। BSNL ने ही इस इलाके में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।