रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: देश आज गणतंत्र दिवस मना रहा है, भारत के शौर्य का प्रतिबिंब लाल किला राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अगुवाई में इसका गवाह बना। राजपथ पर देश के हर राज्य की झांकियां प्रदर्शित की गई। भारतीय सैनिकों ने अपने शौर्य की मिशाल पेश की है। गणतंत्र दिवस का आधिकारिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद आंदोलनरत उपद्रवीयों ने पुलिस को चकमा देकर लाल किले की प्राचीर पर अपना झंडा भी फहरा दिया है। जिसके बाद पुलिस के जवानों ने उस झंडे को उतारने की कोशिश की, यह घटना सिद्ध करता है कि सरकार और किसानों के बीच कितना बड़ा मनभेद हो गया है।
आपको बता दें कि आंदोलनरत उपद्रवीयों ने अपने ट्रैक्टर,तीर,कमान, कृपान लेकर पूरी तैयारी के साथ आंदोलन में हिस्सा लिए थे। गणतंत्र दिवस के दिन ही उपद्रव मचाते हुए लाल किले की प्राचीर पर अपने झंडा फहरा दिया है। जिसके बाद सरकार भी कटघरे में आ गई है।
हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। चोट किसी को भी लगे, नुक़सान हमारे देश का ही होगा।
देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 26, 2021
Violence and vandalism will lead us nowhere. I urge everyone to maintain peace & honour agreements. Today is not the day for such chaos!
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) January 26, 2021
योगेन्द्र यादव और राकेश टिकैत जैसे लोगों को तुरंत जेल में डाला जाना चाहिए
केजरीवाल और राहुल गांधी को दिल्ली वालों से माफी मांगनी होगी
ये किसान नहीं खालिस्तानी और नक्सली हमला हैं दिल्ली पर #DelhiUnderAttack pic.twitter.com/ndLvFoaElx
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) January 26, 2021
किसानों द्वारा किये गये इस उपद्रव पर राजनीतिक पार्टीयों ने भी ट्वीट करना शुरु कर दिया है। जिसमें राहुल गांधी, बीजोपी सांसद गौतम गंभीर, दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने इस आंदोलन को लेकर ट्वीटर के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है।