{ राशिद की रिपोर्ट }
ईद के त्यौहार पर मुस्लिम समाज के लोग ईदगाह में जाकर ईद की नमाज अदा किया करते थे लेकिन इस बार कोरोना काल के चलते सभी चीजों को बंद किया गया है यहां तक कि सभी संगठित धार्मिक क्रियाओं को प्रतिबंध किया हुआ है।
अगर कोई धार्मिक क्रिया करना चाहे तो वह केवल अपने घर पर रहकर कर सकता है लेकिन ईद के त्यौहार पर लोगों को लग रहा था कि कम से कम नमाज पढ़ने की इजाजत मिल जाएगी।
लेकिन मेरठ में लगातार मिल रहे कोरना पोजटिव पेशेंट्स के चलते मेरठ ग्रीन जोन में नहीं आ पाया जिसके चलते मेरठ में अब किसी प्रकार की सहूलियत किसी को मिलती नहीं दिखाई दे रही है।
यहां तक की कुछ रेस्टोरेंट मिठाई प्रतिष्ठान और फैक्ट्रियां संचालित होने के लिए आदेश हो चुके हैं लेकिन वह सभी चीजें कैंटोनमेंट एरिया से बाहर संचालित होंगी।
यानी कि मेरठ सिटी से आउटर में जीतनी फैक्ट्रियां है वह संचालित हो पाएंगी और उन को संचालित करने के भी मानक रखे गए हैं।
हालांकि ईद पर किसी प्रकार की कोई राहत न मिलने के चलते मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुस्लिम इलाकों में बिजली पानी साफ-सफाई को लेकर अपना मांग पत्र डीएम को सौंपा।
जिस पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि इस मांग को माना जाएगा और लोगों से अपील की कि कोई भी घरों से न निकले अपने घरों पर रहकर ही इबादत करें।
हालांकि ऐसा पहली बार देखा जा रहा है जहां ईदगाह में नमाज अदा नहीं होंगी जबकि मस्जिदों में भी ताले लटके हुए हैं।