राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मायावती ने आज एक प्रेस वार्ता की जिसमें उन्होंने कांग्रेस के ऊपर गंभीर आरोप लगाए है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में चुनाव के बाद कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया था, लेकिन दुर्भाग्य से सीएम अशोक गहलोत ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए हमारे सभी विधायकों को अपनी पार्टी में विलय करा दिया।
मायावती ने कहा कि बसपा पहले भी अदालत जा सकती थी लेकिन हम कांग्रेस और सीएम अशोक गहलोत को सबक सिखाने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे।
दरअसल बहुजन समाज पार्टी की टिकट से चुने गए छह विधायक को गहलोत सरकार के खिलाफ वोट करने का निर्देश देते हुए व्हिप जारी किया है और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी पार्टी से सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।