मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में नशामुक्ति को लेकर एक अनूठी जन-जागरूकता पहल देखने को मिली। मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत जिले के 113 विद्यालयों के 32,002 विद्यार्थियों ने एक साथ हस्तलिखित नशामुक्ति संदेश लिखकर समाज को जागरूकता का बड़ा संदेश दिया। इस विशेष उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के लिए World Book of Records, London में दर्ज कराने हेतु प्रविष्टि भेजी गई है।
बुरहानपुर के नवोदय विद्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान हजारों विद्यार्थियों ने एक साथ अपने हाथों से नशामुक्ति से जुड़े संदेश लिखे और उन पर हस्ताक्षर किए। विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने, अपने साथियों को जागरूक करने और परिवार व समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की सहभागिता ने इस अभियान को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम में बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी और विधायक अर्चना चिटनिस विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों के अनुशासन, उत्साह और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान जिले में स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अभियान की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल नारा नहीं लिखा, बल्कि अपने हाथों से नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प व्यक्त किया। अपने हाथों से लिखा गया संदेश बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति व्यक्तिगत रूप से जोड़ता है और उनमें आत्मनियंत्रण, जिम्मेदारी तथा सकारात्मक सोच को मजबूत करता है। प्रत्येक हस्ताक्षर नशे के खिलाफ एक जागरूक संकल्प का प्रतीक बना।

बुरहानपुर के हजारों विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि नशामुक्ति केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक प्रयास है। विद्यार्थी अपने घरों और आसपास के लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों से निकलकर नशामुक्ति का संदेश हजारों परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।
इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा एक साथ हस्तलिखित नशामुक्ति संदेश तैयार करने की उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के लिए World Book of Records, London को भेजा गया है। इस रिकॉर्ड प्रयास के लिए आवश्यक दस्तावेज, फोटो, वीडियो और अन्य प्रमाण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल बुरहानपुर प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयास का उदाहरण बन गई है।
नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे अपराध, शिक्षा से दूरी और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। बुरहानपुर पुलिस लगातार अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। इस आयोजन के जरिए जिले ने स्वस्थ युवा, सुरक्षित परिवार और मजबूत समाज का संदेश दिया है।