छिंदवाड़ाः जनपद के परासिया में लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल पर अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण, मानव अंग आंख तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रकाश में आया।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपे प्रमाण
क्षेत्र के सुप्रसिद्ध समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के विरुद्ध अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण, मानव अंग आंख तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायती पत्र सौंपा। आरटीआई से प्राप्त चौंकाने वाले दस्तावेजों के आधार पर चौरसिया ने संस्थान के पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, यह प्रकरण 20 मई 2016 को समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के स्वर्गीय मामा अशोक चौरसिया के निधन से जुड़ा है। आरोप है कि लायंस आई हॉस्पिटल के पदाधिकारियों ने बिना किसी अधिकृत डॉक्टर, विशेषज्ञ या पुलिस की उपस्थिति के, एक निजी कंपाउंडर के माध्यम से अवैध रूप से नेत्र निष्कर्षण (Removal) करवाया। जब परिवार ने इन नेत्रों के उपयोग और प्राप्तकर्ता की जानकारी मांगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया। संस्था के द्वारा बनाए प्रमाण पत्र में नेत्रदान प्रमाण पत्र दिया एवं संस्था के लेटर पैड में पदाधिकारी द्वारा लिखित रूप से स्वीकार किया कि आंखें प्राप्त हुई थी। किसी कारण से आंख खराब हुई जो कि यह सिद्ध करता है कि संस्था नेत्रदान का काम कर रही है।
नेत्र निष्कर्षण या प्रत्यारोपण के लिए कोई वैधानिक पंजीकरण नहीं
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला छिंदवाड़ा द्वारा सूचना का अधिकार आरटीआई में लिखित सत्यापित प्रमाणित जानकारी दी गई उक्त संस्था के पास मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 के तहत नेत्र निष्कर्षण या प्रत्यारोपण के लिए कोई वैधानिक पंजीकरण नहीं है। नेत्रदान लेने से संस्था का अस्वीकार किया जाना: आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा पूर्व में की गई जांच में इस संस्था ने नेत्रदान लेने से अस्वीकार किया है। जबकि संस्था नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण की खबरें अखबार समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ समाचारों में दम में भरते हुए प्रकाशित करवाई गई हैं। इसके समस्त साक्ष्य समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने एकत्रित किए हैं। विगत 25 वर्षों से लायंस क्लब लाइंस आई हॉस्पिटल संस्था गैर पंजीकृत संस्था द्वारा बिना रिकॉर्ड के आँखों का निकाला जाना एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह की ओर इशारा करता है, जिसकी कड़ियां भोपाल और अन्य बड़े शहरों से जुड़ी होने की आशंका है।
PMO ने दिए राष्ट्रीय स्तर पर जांच के निर्देश
समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के निरंतर प्रयासों के चलते यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) और देश के प्रमुख 14 विभागों सहित मानव अधिकार आयोग तक पहुँच चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को ‘यथोचित कार्यवाही’ के निर्देश दिए हैं। NOTTO ने स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से THOTA अधिनियम के उल्लंघन की गहन जांच कर ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ (ATR) मांगी है। शिकायतकर्ता ने संबंधित के खिलाफ कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
कलेक्टर ने जांच एवं कार्रवाई के दिए निर्देश
जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता एवं समस्त साक्ष्य प्रमाणों को देखते हुए तत्काल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी परासिया को फोन पर जानकारी देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए हैं।
छिंदवाड़ा से संवाददाता श्याम साहू की रिपोर्ट