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महाशिवरात्रि 2021 : भगवान शिव को खुश करने के लिये ,जाने शुभ मुहूर्त और व्रत की सही विधि

By: RNI Hindi Desk 
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महाशिवरात्रि 2021 : भगवान शिव को खुश करने के लिये ,जाने शुभ मुहूर्त और व्रत की सही विधि

रिपोर्ट- माया सिंह

नई दिल्ली : महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं । शिवरात्रि तो हर महीने आती है लेकिन महाशिवरात्री साल में एक बार आती है । फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को इस त्योहार को मनाया जाता है । पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्री 11 मार्च , दिन गुरूवार को है ।

आपको बता दें कि महाशिवरात्रि का व्रत शिवजी और माता पार्वती को समर्पित  होता है और इस दिन उन्‍हीं की पूजा भी की जाती है। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्‍न हुआ था । यह त्‍योहार उनकी वैवाहिक वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। देवी पार्वती और शिवजी के मिलन के इस उत्‍सव को पूरे भारत में  धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग व्रत करके शिवजी को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं । आइए जानते है कि शिव पूजन की असल में सही समय और विधि क्या है ।

पूजा की शुरूआत कैसे करें

माना जाता है कि महाशिवरात्रि के व्रत की शुरुआत त्रयोदशी से ही हो जाती है इसीलए जो विधिवत् रूप से पूजा करना चाहते है उन्हें इसी दिन से शुद्ध सात्विक आहार लेना  शुरू कर देना चाहिए। व्रत के दिन शिवजी को भांग, धतूरा, गन्‍ना, बेर और चंदन अर्पित किया जाता है। वहीं माता पार्वती को खुश करने के लिए सुहागिन महिलाएं सुहाग की प्रतीक चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर अर्पित करती है ।

उपवास रखने वाले लोग केवल फलाहार पर रहते हैं लेकिन यदि आप नमक सेवन करना चाहते है तो सेंधा नमक ले सकते हैं ।

शिवरात्रि पर शुभ मुहूर्त

पांचांग के मुताबिक 11 मार्च को पूजन का अभिजित मुहूर्त  12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 55 तक है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में पूजा करने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है ।

चार पहरों में होती है पूजा

मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि पर शिव की पूजा चार पहरों में की जाती है ।प्रत्येक पहर की पूजा में ऊं नम: शिवाय का जप करते रहना चाहिए।
पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि यानि 11 मार्च को प्रात: 12 बजकर 06 मिनट से प्रात: 12 बजकर 55 मिनट तक निशिता काल रहेगा । इसके बाद महाशिवरात्रि के व्रत का समापन यानि व्रत खोलने का मुहूर्त 12 मार्च को प्रात: 06 बजकर 34 मिनट से दोपहर 03 बजकर 02 तक है ।

उपवास की विधि

  • महाशिवरात्री में नमक का प्रयोग नहीं किया जाता है लेकिन विशेष स्थिति में जैसे गर्भवती या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में सेंधा नमक ले सकते है ।
  • उपवास करने वाले व्यक्ति को दिन में सोना नहीं चाहिए और रात में भी मंत्र जप करते रहना चाहिए ।
  • ऐसा मान्य है कि शिवजी को खट्टे चीजों की भोग नहीं लगाना चाहिए ।
  • ज्यादातर सफेद मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए ।

शिवरात्रि व्रत के फायदे

भगवान शिव को देवों के देव यानि महादेव बोला जाता है इसलिए इनकी पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। शिवरात्री का व्रत बहुत ही प्रभावशाली होता है । मना जाता है कि कुंवारी लड़कियां यदि इस दिन व्रत रखती हैं तो जल्द ही उनके विवाह के अच्छे संयोग बन जाते है । वहीं यदि विवाहित महिलाएं व्रत रखती हैं तो उनको चिर सौभाग्य की प्राप्ति होती है और उनके परिवार में खुशिहाली बनी होती है ।

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