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मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी, होटल और रिसॉर्ट परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 में पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए। सीहोर में 848 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट सहित उज्जैन, इंदौर, खजुराहो, मांडू और वन्यजीव क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट परियोजनाओं की तैयारी है। सरकार का फोकस पर्यटन अधोसंरचना, रोजगार, इको-टूरिज्म और फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने पर है।

By: Nivedita 
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मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी, होटल और रिसॉर्ट परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

भोपाल:  मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 में देश-विदेश के पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी कंपनियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक पर्यटन के कारण मध्यप्रदेश में इस क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ

भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश से जुड़े कई समझौते किए गए। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं के लिए निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड भी प्रदान किए गए।

सीहोर में 848 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश प्रस्ताव

सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड करीब 848 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना पर काम कर रही है। इस निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। परियोजना से करीब 920 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है।

ओरछा की धरोहरों के संरक्षण के लिए समझौता

ट्रैवल मार्ट के दौरान ऐतिहासिक नगरी ओरछा की विरासत के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के साथ एमओयू किया गया है। इसका उद्देश्य ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

पर्यटक वाहन चालकों के कौशल विकास पर जोर

पर्यटन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन की दिशा में भी कदम उठाया गया है। इसके लिए आईआईटीटीएम ग्वालियर के साथ समझौता किया गया। इससे पर्यटकों को बेहतर और प्रशिक्षित परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव सर्किट में निवेश की तैयारी

ट्रैवल मार्ट में हुई वन-टू-वन बैठकों के दौरान हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट क्षेत्र में कई निवेश प्रस्ताव सामने आए। एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्यजीव पर्यटन सर्किटों में करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना साझा की।

मांडू से खजुराहो तक निवेश प्रस्ताव

रेनी ग्रुप ने मांडू, खजुराहो, सीधी और मैहर में 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव रखे। वहीं सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई में अल्ट्रा-लक्जरी वाइल्डलाइफ रिसॉर्ट सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में करीब 300 करोड़ रुपये के निवेश की योजना सामने रखी।

ओंकारेश्वर और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नए प्रोजेक्ट

ओंकारेश्वर में रमाडा रिसॉर्ट के निर्माण के साथ रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी और मढ़ई जैसे पर्यटन स्थलों पर भी नई परियोजनाओं के प्रस्ताव सामने आए हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में पर्यटकों के लिए ठहरने और अन्य सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।

 

 

वन्यजीव पर्यटन पर विशेष फोकस

मध्यप्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व और वन्यजीव क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन सुविधाएं विकसित करने में निवेशकों ने रुचि दिखाई। कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना जैसे क्षेत्रों में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर चर्चा हुई।

फिल्म और फूड टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा

ट्रैवल मार्ट में पर्यटन के साथ फिल्म और खान-पान से जुड़े पर्यटन पर भी चर्चा हुई। टीवीएफ के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार साझा किए। अभिनेता अन्नू कपूर ने फिल्मों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन आधारित फूड टूरिज्म को विकसित करने के सुझाव दिए।

पर्यटन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस और इको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए। इसके अलावा खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्ग पर पर्यटकों की सुविधा के लिए वे-साइड एमिनिटीज विकसित करने वाली परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।

निवेशकों को समयबद्ध मंजूरी का भरोसा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि पर्यटन परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन, अधोसंरचना और जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य निवेश को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

पर्यटन निवेश से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

मध्यप्रदेश में पर्यटन निवेश बढ़ने से होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि ट्रैवल मार्ट के जरिए सामने आए निवेश प्रस्ताव प्रदेश के पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन निवेश केंद्रों में नई पहचान दिलाने में मदद करेंगे।

 

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