मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने संबंधी बयान पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कड़ा प्रतिवाद किया है। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाएँ सुशासन का प्रमाण नहीं होतीं; प्रदेश की जमीनी हकीकत ही सरकार के दावों की सच्चाई सामने लाती है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यदि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत है, तो हालिया घटनाएँ किस ओर संकेत करती हैं-पुलिसकर्मियों की वर्दी सार्वजनिक रूप से फाड़े जाने की घटनाएँ, थानों के भीतर हमले और गोलीबारी जैसी गंभीर वारदातें चिंताजनक हैं। उन्होंने इसे व्यवस्था की कमजोरी का संकेत बताया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वे लगभग 30 दिनों से लापता बताए जा रहे हैं। सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि की सुरक्षा को लेकर सरकार की स्पष्ट स्थिति सामने न आना अत्यंत गंभीर विषय है।
पटवारी ने कहा कि राजधानी भोपाल, जो मुख्यमंत्री कार्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर है, वहाँ नाबालिग बच्चियों को नशीले पदार्थ देकर शोषण के मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही भोपाल सहित कई जिलों में लगातार ड्रग्स फैक्ट्रियों का पकड़ा जाना संगठित अपराध की गहराई को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न मामलों में सत्ता से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता और बढ़ जाती है। प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर स्वयं शीर्ष अधिकारियों द्वारा चिंता व्यक्त किए जाने का हवाला देते हुए पटवारी ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन टोल नाकों की अवधि समाप्त हो चुकी थी, उन्हें पारदर्शी पुनः-निविदा प्रक्रिया के बजाय आउटसोर्स किया गया, जिससे शासकीय राजस्व को संभावित नुकसान पहुँचा है।
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश आज कर्ज, अपराध और भ्रष्टाचार की त्रासदी झेल रहा है। मुख्यमंत्री न केवल मुख्यमंत्री हैं, बल्कि गृह मंत्री भी हैं, इसलिए कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की सीधी जिम्मेदारी उन्हीं पर बनती है।
कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की जनता की ओर से सरकार से स्पष्ट जवाब माँगते हुए सवाल रखे-
मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के संबंध में सरकार की आधिकारिक स्थिति क्या है और उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
क्या ड्रग्स नेटवर्क और संगठित अपराध पर श्वेत पत्र जारी किया जाएगा?
क्या कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित होगी?
क्या प्रशासनिक भ्रष्टाचार और टोल प्रकरणों पर पारदर्शी कार्रवाई की रूपरेखा सार्वजनिक की जाएगी?
अंत में, जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता घोषणाएँ नहीं, ठोस परिणाम चाहती है और कांग्रेस पार्टी प्रदेशहित में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।