भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम मुद्दों पर जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित एक्सपोर्ट, खाद की कीमतों, ओला-पाला से फसल नुकसान और उन्नत कृषि महोत्सव को लेकर बड़ा बयान दिया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट पर पड़ा है। हालात से निपटने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं। फर्टिलाइजर को लेकर हर तीसरे दिन समीक्षा बैठक हो रही है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीएपी और यूरिया की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारत में कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। केंद्र सरकार ने 41 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया है।
ओला-पाला से फसल नुकसान पर मंत्री ने कहा कि सभी राज्यों को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। क्रॉप कटिंग के बाद पंचायत भवनों में सूची चस्पा की जाएगी ताकि कोई किसान वंचित न रहे। अब तक 2 लाख 49 हजार हेक्टेयर नुकसान की रिपोर्ट आई है, जो बढ़ भी सकती है। लखपति दीदी योजना पर उन्होंने बताया कि अब तक तीन करोड़ महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। छह महीने तक आय बरकरार रहने पर ही उन्हें स्थायी लखपति माना जाएगा। लक्ष्य छह करोड़ तक पहुंचने का है।
रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन होगा। उद्घाटन में राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे, जबकि समापन पर नितिन गडकरी मौजूद रहेंगे। महोत्सव में 20 सत्र आयोजित होंगे, जिनमें एआई तकनीक, फसल कटाई प्रबंधन, हॉर्टिकल्चर, पशुपालन और इंटीग्रेटेड खेती जैसे विषय शामिल होंगे।
मंत्री ने कहा कि केवल अनाज उत्पादन से आय नहीं बढ़ेगी, इसलिए आधुनिक तकनीक और इंटीग्रेटेड मॉडल अपनाना जरूरी है। 12 अप्रैल को कृषि रोडमैप किसानों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
भोपाल से संवाददाता सुनील मालवीय की रिपोर्ट