लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए 15 से 18 नवंबर तक ‘कृषि भारत-2024’ मेले का आयोजन कर रही है। लखनऊ के वृंदावन योजना मैदान में आयोजित इस चार दिवसीय मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मेले में उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्यों से करीब एक लाख किसानों के शामिल होने की उम्मीद है, और पार्टनर कंट्री के रूप में नीदरलैंड भी भाग लेगा।
मेले की विशेषताएं और किसान संगोष्ठियाँ
20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में आयोजित इस मेले में 250 से अधिक एक्जीबिटर्स शामिल होंगे। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, एग्री इनपुट्स और फार्म सर्विसेज जैसे क्षेत्रों पर एक दर्जन से अधिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 4,000 से अधिक कृषि व्यवसाय के पेशेवर हिस्सा लेंगे। किसानों के लिए “कृषि पर्यटन”, “सस्टेनेबिलिटी जोन”, “फार्मर वेलनेस जोन” और “यंग फार्मर्स जोन” जैसे विशेष स्टाल लगाए जाएंगे, जहां वे आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के बारे में जान सकेंगे।
खनन पट्टों पर मोबाइल निरीक्षण एप से होगी निगरानी
उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन पट्टों की निगरानी के लिए मोबाइल निरीक्षण एप विकसित किया है। इस एप से किसी भी पट्टा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। जिलों के अधिकारियों को इस एप का संचालन सिखाने के लिए मंगलवार को प्रशिक्षण दिया गया। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक माला श्रीवास्तव ने बताया कि इस एप से खनन पट्टा धारकों की जवाबदेही तय करने के साथ ही राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।