{ तबरेज़ की रिपोर्ट }
कोरोना महामारी और लॉक डाउन को देखते हुए धर्मगुरुओं ने बड़ा फैसला लिया और 21 रमजान को ऐतिहासिक जुलूस नहीं निकला जिसके बाद पुलिस ने भी आभार व्यक्त किया।
दरअसल हजरत अली की याद में ऐतिहासिक जुलूस हर साल निकलता था, महामारी और लॉक डाउन को देखते हुए इसको इस बार टाल दिया गया है।
पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर जुलूस ना निकालने की अपील सभी से की थी और उनकी यह बात मान ली गयी।
शिया मुसलमानो ने 21 रमजान में भीड़भाड़ वाला जुलूस नहीं निकाला। सुबह की नमाज़ के बाद जुलूस निकाला जाता था। यह जुलूस नजफ़ से निकलकर तालकटोरा कर्बला जाता था।
पुलिस प्रशासन की अपील के बाद सभी जायरीनो ने घर में ही मातम कर हजरत अली की शहादत को याद किया।