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Bhopal: लोकरंग हमारी माटी की सुगंध और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम स्वरूप – राज्यपाल मंगुभाई पटेल

लोकरंग-विरासत से विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

By: Abhinav Tiwari 
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Bhopal: लोकरंग हमारी माटी की सुगंध और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम स्वरूप – राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकरंग हमारी माटी की सुगंध, लोकजीवन की धड़कन और सदियों से प्रवाहित सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप है। गणतंत्र दिवस के साथ लोकरंग महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रीय पर्व को और अधिक अर्थपूर्ण बनाता है तथा समाज में समरसता, प्रेम और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करता है। राज्यपाल सोमवार की संध्या रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित लोकरंग महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश विरासत से विकास की यात्रा पर अग्रसर है और लोकरंग इस यात्रा का सशक्त पड़ाव है। संस्कृति विभाग द्वारा किया गया आयोजन प्रदेश की लोककलाओं, शिल्प और लोकजीवन को राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है।

लोकरंग का भव्य शुभारंभ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बहिरंग मंच पर पाँच दिवसीय लोकरंग का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संत सिंगाजी के जीवन और योगदान पर आधारित प्रभावशाली नृत्य-नाट्य “खेती खेड़ो हरि नाम की” का मंचन हुआ, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। दोनों ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी।

किसान, लोक-संस्कृति और समृद्धि-एक-दूसरे के पूरक

राज्यपाल ने कहा कि लोक-संस्कृति, हमारे किसान और ग्रामीण जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। किसान समृद्ध होगा तभी लोककलाएँ पुष्पित-पल्लवित होंगी। उन्होंने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की राज्य सरकार की पहल की सराहना की। कार्यक्रम से पूर्व दोनों ने प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के पारंपरिक बर्तनों की प्रदर्शनी “बासन” का अवलोकन भी किया।

लोकरंग-मिनी इंडिया, मिनी मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकरंग कलाकारों, शिल्पकारों और लोकसाधकों का लघु मेला है-जो मिनी इंडिया की तर्ज पर मिनी मध्यप्रदेश का अनुभव कराता है। अलग-अलग अंचलों की लोकविधाएँ, वाद्य और नृत्य इस उत्सव को विशिष्ट बनाते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार लोकरंग में कृषि और किसान कल्याण गतिविधियाँ भी जोड़ी गईं और करीब 2,000 युवाओं को जीवन-रक्षा हेतु हेलमेट प्रदान किए गए।

राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 एवं 2025 के लिए राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान से सम्मानित संस्थाओं-सेवा भारती आनंद धाम, भोपाल तथा पुनुरुथान समरसता गुरुकुलम, पुणे-को बधाई दी। प्रत्येक संस्था को ₹20 लाख की सम्मान राशि और सम्मान-पट्टिका प्रदान की गई।

गणतंत्र दिवस समारोह: श्रेष्ठ दल सम्मानित

  • सैन्य दल:

    • प्रथम-हॉकफोर्स प्लाटून

    • द्वितीय-म.प्र. विशेष सशस्त्र बल प्लाटून-1

    • तृतीय-बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-1 (गोरखा बटालियन)

  • असैन्य दल:

    • प्रथम-एनसीसी बॉयज प्लाटून

    • द्वितीय-भूतपूर्व सैनिक

    • तृतीय-राष्ट्रीय सेवा योजना

  • स्कूली प्रस्तुतियाँ:

    • प्रथम-शासकीय सांदीपनि महात्मा गांधी उमावि बरखेड़ा सहित पाँच विद्यालय

    • द्वितीय-सेंट पॉल को-एड स्कूल, आनंद नगर

    • तृतीय-सागर पब्लिक स्कूल, कटारा एक्सटेंशन

  • लोकनृत्य:

    • प्रथम-बुंदेलखंड का बधाई

    • द्वितीय-मालवा का मटकी

    • तृतीय-निमाड़ का गणगौर

संत सिंगाजी पर केंद्रित नृत्य-नाट्य

निमाड़ के संत सिंगाजी के जीवन पर आधारित “खेती खेड़ो हरि नाम की” में भक्ति, त्याग और लोक-कल्याण का संदेश सशक्त रूप से प्रस्तुत हुआ। सूत्रधार के रूप में अभिनेता गोविंद नामदेव की सहभागिता रही। लेखन-डॉ. श्रीराम परिहार एवं योगेश त्रिपाठी; निर्देशन-चंद्र माधव बारिक।

संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. शिवशेखर शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी ने आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में कला-प्रेमी उपस्थित रहे। लोकरंग न केवल लोक-कलाओं का उत्सव है, बल्कि विरासत से विकास की सोच को जमीन पर उतारने वाला सांस्कृतिक संगम भी है-जहाँ किसान, कलाकार और समाज एक सूत्र में बंधकर आगे बढ़ते हैं।

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