जब आपका दिल सामान्य अवस्था में नहीं धड़क कर धीरे धीरे और असामान्य तरीके से धड़कता है उस अवस्था को हार्ट में ब्लॉकेज होना कहते है और यह एक बेहद ही गंभीर बीमारी है।
वैसे तो यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन 30 साल की उम्र के बाद इसका ख़तरा बढ़ जाता है और लोग इस बीमारी से बहुत घबराते है क्योंकि इसके इलाज़ में बहुत पैसा खर्च हो जाता है।
स्वामी जी कहते है, हार्ट ब्लॉकेज हो जाए तो लोग कहते है आपको बाईपास करवाना पड़ेगा, स्टंट डलवाना पड़ेगा, लेकिन इससे हार्ट की कार्य प्रणाली कमजोर होती है और हार्ट का करंट रेट वीक हो जाता है।
स्वामी जी कहते है कि शरीर में ब्लड सर्कुलशन अच्छा रहना बहुत ज़रूरी है, इसके लिए योग में अलग अलग प्रकार के प्राणायाम बताये गए है जिनको करने से इसमें फायदा मिलता है।
केसर, अश्वगंधा और शिलाजीत से रक्त प्रवाह अच्छा रहता है वही इससे हार्ट अच्छा रहता है। ये बहुत ज़रूरी है कि हार्ट के अंदर ब्लड सर्कुलेशन अच्छा हो वही जो ब्लॉकेज हुआ है वो निकल जाए तो इसका सबसे अच्छा समाधान है लौकी का जूस।
इसको पीने से रक्त संचार सुधरता है वही अर्जुन की छाल का सेवन भी लाभकारी रहेगा। इसके अलावा कपालभाती और अनुलोम विलोम प्राणायाम भी आधा आधा घंटा शुरू कर दे।