अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंद पर लार लगाने पर लगे प्रतिबंध के बाद भारतीय टीम के चाइनामैन स्पिनर गेंदबाज कुलदीप यादव ने कहा कि क्रिकेट में गेंद की चमक के बिना स्पिनर वेअसर होता है। इतना ही नहीं कुलदीप को उम्मीद है कि कोरोना के रूप में दुनिया के साथ क्रिकेट पर आई मुसीबत हमेशा नहीं रहने वाली।
भले ही लार पर प्रतिबंध की सिफारशें की गई हों, लेकिन उन्हें लगता है कुछ समय बाद क्रिकेट फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौटेगा। यही कारण है कि उन्होंने कानपुर में गेंदबाजी के अभ्यास के दौरान लार का प्रयोग बंद नहीं किया है। वह लार के साथ ही गेंदबाजी कर रहे हैं।
कुलदीप मानते हैं कि लार पर प्रतिबंध लगा तो तेज गेंदबाजों को तो नुकसान होगा ही साथ में स्पिनरों के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ी होगी। वह खुद और दिग्गज स्पिनर गेंद चमकाने के लिए लार का प्रयोग करते हैं। जिससे उनकी गेंदों में ड्रिफ्ट और डिप जैसी विविधता आती है। गेंद में चमक नहीं होने से स्पिनरों को हवा में कट नहीं मिलेगा जिससे बल्लेबाजों को उन्हें पढने में बेहद आसानी हो जाएगी।