1. हिन्दी समाचार
  2. योग और स्वास्थ्य
  3. योग गुरु बाबा रामदेव – स्वस्थ रहने के नुस्खे

योग गुरु बाबा रामदेव – स्वस्थ रहने के नुस्खे

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
योग गुरु बाबा रामदेव – स्वस्थ रहने के नुस्खे

पिछले लेख में हमने जाना की वर्तमान समय में अष्टांग योग को प्रधानता दी गयी है, अष्टांग योग अर्थात योग के आठ अंग। यह आठ अंग सभी धर्मों का सार माने जाते हैं। ये आठ अंग हैं यम, नियम,आसन ,प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा ध्यान और समाधि।

आज इस लेख में हम प्राणायाम की एक विधा कपालभाती के बारे में बात करने वाले है, बाबा रामदेव ने इस प्राणायाम को घर घर तक प्रसिद्द करके लाखों लोगों के जीवन में एक उम्मीद की किरण जगा दी है।

क्या होता है कपालभाती प्राणायाम –

Image result for swami ramdev kapalbhati

बाबा रामदेव अक्सर अपने योग शिविर में लोगों को इस प्राणायाम को करने की सलाह देते है, दरअसल संस्कृत शब्द कपाल का अर्थ होता है ललाट और भाति का अर्थ होता है प्रकाश अतः कपालभाति वह अभ्यास है, जो मस्तिष्क के आगे वाले भाग में प्रकाश या स्पष्टता लाता है।

इस प्राणायाम से कई प्रकार के जटिल रोग दूर होते हैं और स्वस्थ व्यक्ति इस अभ्यास को प्रति दिन करता रहे तो वह जीवनभर निरोगी रहता है। कपालभाति, प्राणायाम-योग का एक विशिष्ठ अंग है। ध्यान और मानसिक शक्ति के विकास के लिए कपालभाति को अति महत्वपूर्ण बताया गया है। प्राचीन समय के कुछ ज्ञानी महात्मा और योगी द्वारा कपालभाति को षटकर्म का एक भाग भी कहा गया है। कपालभाति से कुण्डलिनी शक्ति भी जागृत होती है। 

कपालभाति प्राणायाम कैसे करें –

Image result for swami ramdev kapalbhati

कपालभाति प्राणायाम करने के लिए किसी अच्छी शांत और स्वच्छ जगह का चयन करके, वहाँ पर आसन बिछा कर पद्मासन में बैठ जाए।

कपालभाति प्राणायाम की शुरुआत करने के लिए श्वास सामान्य गति से शरीर के अंदर की और लेनी होती है। और तेज़ गति से बाहर निकालनी होती है। यह पूरी प्रक्रिया एक रिद्म में होनी चाहिए।

प्रत्येक सेकंड में एक बार पूरी सांस को तेजी के साथ नाक से बाहर छोड़ें, इससे पेट अन्दर चला जाएगा। कपालभाती में प्रत्येक सेकंड में एक बार सांस को तेजी से बाहर छोड़ने के लिए ही प्रयास करना होता है| साँस को छोड़ने के बाद, सांस को बाहर न रोककर बिना प्रयास किये सामान्य रूप से सांस को अन्दर आने दें|

कपालभाति प्राणायाम के फायदे व लाभ-

Image result for swami ramdev kapalbhati

बाबा रामदेव ने इस प्राणायाम के अनेक फायदे बताये है,

  • यह पाचन प्रक्रिया को बढ़ाता है और वजन कम करने में मदद करता है।
  • नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है।
  • पेट की मासपेशियों को सक्रिय करता है जो कि मधमेह के रोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक है।
  • रक्त परिसंचरण को ठीक करता है और चेहरे पर चमक बढ़ाता है।
  • पाचन क्रिया को अच्छा करता है और पोषक तत्वों का शरीर में संचरण करता है।
  • आपकी पेट कि चर्बी फलस्वरूप अपने-आप काम हो जाती है।
  • मस्तिष्क और तांत्रिक तंत्र को ऊर्जान्वित करता है ।
  • मन को शांत करता है।

कपालभाति प्राणायाम के दौरान सावधानी –

Image result for swami ramdev kapalbhati
  • यदि आप हर्निया, मिर्गी, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, अथवा स्टेंट के मरीज़ हैं तो यह प्राणायाम न करें। यदि आपकी कुछ समय पूर्व पेट की सर्जरी हुई है तब भी यह प्राणायाम न करें।
  • महिलाओं को यह प्राणायाम गर्भावस्था के दौरान अथवा उसके तुरंत बाद नही करना चाहिए। मासिक धर्म के दौरान भी यह प्राणायाम नही करना चाहिए।
  • हाइपरटेंशन के मरीजों को यह प्राणायाम किसी योग प्रशिक्षण के नेतृत्व में ही करना चाहिए।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...