आज की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में हर व्यक्ति उम्र बढ़ने के साथ कई बीमारियों की चपेट में आने लगता है और समय पर समाधान न मिलने पर यह गंभीर होती जाती है और ऐसी ही एक समस्या है यौन दुर्बलता।
दरअसल बढ़ती उम्र के साथ ज़िम्मेदारी भी बढ़ती है और शुरू होने लगता है मानसिक तनाव, डॉक्टर्स कहते है कि मानसिक तनाव का असर आपके शरीर पर होता है और धीरे धीरे व्यक्ति को यौन दुर्बलता घेर लेती है।
स्वामी जी कहते है कि धातु रोग एक ऐसी समस्या है जिससे आज का हर युवा परेशान है। जवानी में ही कइयों का बुढ़ापा आ जाता है जिसका सबसे बड़ा कारण है कोका कोला, पेप्सी, चाय और तमाम फ़ास्ट फ़ूड खाने की आदते।
गर्म चीज़े खाना, मांस खाना वही वासनात्मक वातावरण के कारण भी युवाओं में यह दुर्बलता आती है और इससे बचने के लिए जितना हो सके उतना योग करना चाहिए।
कपालभाती और अनुलोम विलोम भी बहुत फायदा करते है वही अश्वगंधा और शतावरी भी धातु रोग में बड़ी लाभकारी है।
नियमित रूप से दूध के साथ 5 खजूर खाये और दूध का सेवन करे, इससे यौन रोग में फायदा मिलता है। शुक्राणु भी बढ़ने लग जायेगे। चंद्रप्रभावटी एक एक गोली ले वही एक एक गोली शिलाजीत भी लाभदायक है।
आसनों की बात करे तो शीर्षासन और सर्वांग आसन करना चाहिए, वही सुबह सुबह सूर्य नमस्कार करना चाहिए। दौड़ भी खूब लगानी चाहिए वही स्विमिंग भी यौन दुर्बलता में फायदा होता है।
स्वामी जी कहते है की बेकार की ताकत की दवाई नहीं लेनी चाहिए क्यूंकि इसमें केमिकल होते है जो आपके शरीर को अंदर से खत्म कर देते है। इससे कोई भी स्टेरॉयड नहीं लेना चाहिए।