किसान आंदोलन : 14 दिसंबर को यूनियन के नेता भूख-हड़ताल पर बैठेंगे
नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े किसानों का आंदोलन अब और भी उग्र होता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन 17वें दिन भी लगातार जारी है।
केंद्र सरकार से बातचीत ना बनने के बाद जहां एक तरफ किसानों ने 12 दिसंबर से दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे को बंद करने का ऐलान किया हैं। तो वहीं दूसरी तरफ किसानों ने देशभर के सभी टोल नाकों को भी टोल-फ्री करने की घोषणा की है।
इसी बीच किसान नेताओं ने कहा कि हमने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। 14 दिसंबर को यूनियन के नेता भूख-हड़ताल पर बैठेंगे। अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो हम तैयार हैं।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति से जुड़े लोग सिर मुंडवाकर नोएडा में सांसद डॉ. महेश शर्मा के कैलाश हॉस्पिटल का घेराव करने के लिए पहुंचे, जहां किसानों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि कैलाश हॉस्पिटल नोएडा के सेक्टर-27 में स्थित है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
वहीं, किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के डिप्टी सीएम और जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की।
इसके साथ ही शनिवार को किसान प्रदर्शन की समीक्षा और आंदोलन के भविष्य को लेकर सिंधु बॉर्डर पर एक बैठक बुलाई गई। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में किसानों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की और 14 दिसंबर को जिला कलेक्टर ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसके लिए रणनीति बनाई जा रही है।
आज की मीटिंग के बाद किसान देर शाम तक अपने फैसलों की जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं।