रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: तीनों कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को भी किसानों ने अपने आंदोलन को और बड़ा करने का एलान किया। आपको बता दें कि दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या में बढोत्तरी होने के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया है।
सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरना-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार को भी रूट डायवर्जन किया है। रुट डायवर्जन से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करने पड़ रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं, जिससे यात्रा आसानी से की जा सके। इसी के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर कटीले तारों के साथ नुकीली कीलें भी लगाई गई हैं, जिससे किसान प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके।
आपको बता दें कि फिरोजपुर से मुंबई जाने वाली पंजाब मेल सोमवार को दिल्ली नहीं गई। इस ट्रेन को रेवाड़ी के रास्ते मुंबई के लिए रवाना किया गया। वहीं श्रीगंगानगर से पुरानी दिल्ली आने वाली ट्रेन को बहादुरगढ़ में रोक दिया गया। ट्रेनो के रोके जाने को लेकर योगेंद्र यादव ने ट्वीट करते हुए आरोप लगाया है कि एक हजार से ज्यादा किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए सरकार ने पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव कर दिया है।
आपको बता दें कि यह ट्रेन रोहतक, दिल्ली शकूरबस्ती, किशनगंज, नई दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा के रास्ते मुंबई जाती है। जिसके बाद उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि परिचालन संबंधित जरूरत की वजह से पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव और एक अन्य ट्रेन को गंतव्य से पहले निरस्त कर दिया गया है।