डबरा विधानसभा सीट से भाजपा की महिला उम्मीदवार इमरती देवी के खिलाफ कमलनाथ द्वारा दिया गया एक बयान अब उनके ऊपर भारी पड़ता जा रहा है। दरअसल सीएम शिवराज सिंह ने दो घंटे का मौन अनशन किया और कमलनाथ से माफ़ी की मांग की वही इमरती देवी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा की कमलनाथ जैसे महिला विरोधी व्यक्ति को वो पार्टी से बाहर करें।
इसी बीच अब कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। दरअसल चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है की मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर एक रिपोर्ट मांगी गई है जो की आज मिल जाएगी जिसके आधार पर आगे क्या करना है उसका निर्णय लिया जाएगा।
नवरात्र में लोग देवी माँ की उपासना कर रहे और कमलनाथ जी देवीतुल्य महिलाओं का खुलेआम अपमान कर रहे हैं।
कमलनाथ जी, याद रखिये, यह वो धरती है जहाँ महिलाओं का अपमान करने वाले वंश समेत नष्ट हो गए।
पाल कांकरिया, विधानसभा सांवेर, इंदौर में जनसभा में भाग लिया।https://t.co/N4IJRMZgZC https://t.co/sGvWGnSnES pic.twitter.com/LS3Nz2duiX
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 19, 2020
इसी बीच अब इस पुरे मामले पर महिला आयोग ने भी संज्ञान ले लिया है। इस मामले को महिला आयोग ने चुनाव आयोग के पास आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रेषित किया है। दरअसल कमलनाथ द्वारा की गई टिप्पणी पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी सोमवार को ग्वालियर जिले के डबरा में फूट-फूट कर रोईं और उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है।
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से जब उनके इस बयान के बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा, कि कमलनाथ भले ही मेरी पार्टी के हैं, वे चाहे जो भी हों, लेकिन जिस भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया है, मैं निजी तौर पर उसे पसंद नहीं करता।
लोगों का लगा की अब तो कमलनाथ माफ़ी मांगेगे लेकिंन उन्होंने माफ़ी मांगने से साफ़ इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा- वो राहुलजी की राय है, उनको जो समझाया गया कि किस संदर्भ में मैंने कहा था। मैंने तो साफ कर दिया कि किस संदर्भ में मैंने कहा था, इसमें और कहने की आवश्यकता नहीं है। मैं क्यों माफी मांगूंगा ?
आगे उन्होंने कहा की माफ़ी शिवराज जी को मांगनी चाहिए। दूसरी और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ माफी मांगने की बजाय बेतुकी सफाई दे रहे हैं। यह उनके लिए शर्मनाक है।
2. साथ ही, कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिला अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे एम.पी. में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बी.एस.पी. उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) October 19, 2020
आपको बताते चले, इस पुरे मसले पर बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने लिखा था, मध्यप्रदेश में ग्वालियर की डाबरा रिजर्व विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रही दलित महिला के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय। इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए।
आगे उन्होंने लिखा, साथ ही, कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिला अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे एम.पी. में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बी.एस.पी. उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा।