Home उत्तर प्रदेश सीताराम शर्मा ने जेल को बनाया स्वर्ग, बना यूपी का तीसरा ISO प्रमाणित जेल

सीताराम शर्मा ने जेल को बनाया स्वर्ग, बना यूपी का तीसरा ISO प्रमाणित जेल

6 second read
0
75

उरई(जालौन): जेल में कैदियों को सुधारने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाये जाते है, जिससे उनमें कुछ सुधार किया जा सकें। लेकिन इस बीच ऐसे कई तस्वीरें भी आती हैं, जिससे जेल प्रशासन के साथ-साथ सरकार पर भी सवालियां निशान लगने शुरू हो जाते है। लेकिन जालौन की जिला कारागार उरई से इन दिनों एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। जिसे लेकर उसे ISO प्रमाणित भी किया गया।

दरअसल, वर्तमान जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने अपने जेल अधीक्षक के दायित्व को सिर्फ दायित्व भर ही नहीं बल्कि उन्होंने कैदियों के जीवन को सुधारने के लिए अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। इसे लेकर उन्होंने समय-समय पर जेल में ओलम्पियाड खेलों का भी आय़ोजन किया। जिससे कैदियों को स्वस्थ रहने के साथ ही फीट भी रखा जा सकें। वहीं जो कैदी जेल में एक-दूसरे को देखना पसंद नहीं करते हैं, वो इस खेल के जरिये एक-दूसरे से जुड़ सकें। जिससे वो अगर रिहा होकर जेल के बाहर भी जाते है, तो वे अपनी पुरानी जिंदगी को भूलकर नया जीवन जी सकें। और समाज से जुड़ सकें।

आपको बता दें कि जेल अधीक्षक के इसी लक्ष्य का परिणाम यह हुआ कि उरई जेल यूपी का तीसरा ISO प्रमाणित जेल बना। बता दें कि जिला कारागार, उरई को  ISO 9001 : 2015 प्रमाण पत्र मिला है। यह प्रमाण-पत्र मंगलवार को एक कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री , श्रम एवं सेवायोजन ,उ.प्र.शासन श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी द्वारा जनपद जालौन के समस्त माननीय विधायकगण, जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ,मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बताया कि जेल में कैदियों के सुधार के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सरकार की मंशा है कि जेल में अच्छे काम हों। इससे कैदियों को सामाजिक बनाया जा सके।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में जेलों की व्यवस्था को लेकर शासन के प्रतिनिधि और मंत्रिमंडल द्वारा लगातार निरीक्षण किया जाता रहता है। जेल की व्यवस्थाओं पर कई बार प्रश्न चिन्ह भी लगते हैं, निरीक्षण के दौरान कहीं जेल व्यवस्थाओं को सुधारने की चेतावनी दी जाती है, ऐसे में अगर उत्तर प्रदेश में से ही किसी जेल को ISO प्रमाणित किया जाता है, तो जेल प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

आपको बता दें ISO प्रमाणित करने के लिए संस्था द्वारा लगातार निरीक्षण किया जाता है, जिसमें 100% व्यवस्थाएं सही पाए जाने पर साथ ही एनवायरमेंट सही ढंग से होने के बाद यह प्रमाण पत्र दिया जाता है। बुलंदशहर जिला कारागार जेल प्रशासन, जेल सुपरिटेंडेंट व जेल कर्मचारी स्टाफ या कैदियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार के लिए चर्चाओं में बना रहता है। यहां के कैदी अपने आप को घर में रहने जैसा समझते हैं, क्योंकि यहां के जेल प्रशासन का कैदियों के प्रति व्यवहार और रवैया बहुत नरम रहता है।

Load More In उत्तर प्रदेश
Comments are closed.