Home विदेश ब्राजील के शोधकर्ताओं का ताजा आंकड़ों का दावा, चीन की सिनोवैक बायोटक की कोरोना वैक्सीन वायरस के खिलाफ सिर्फ 50 फीसद तक कारगर

ब्राजील के शोधकर्ताओं का ताजा आंकड़ों का दावा, चीन की सिनोवैक बायोटक की कोरोना वैक्सीन वायरस के खिलाफ सिर्फ 50 फीसद तक कारगर

0 second read
0
3

ब्राजील: दुनिया में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीन एक अहम भूमिका निभाने वाली है। अब इन वैक्सीन के प्रभाव पर सभी की निगाहें हैं। इस बीच, ब्राजील ने चीन की कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ब्राजील के शोधकर्ताओं का दावा है कि चीन की वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ सिर्फ 50 फीसद असरदार है। ब्राजील में चीन की सिनोवैक बायोटक वैक्सीन से जुड़ा एक नया आंकड़ा पेश किया गया है। इस नये डाटा में वैक्सीन की एफीकेसी(प्रभावकारिता) रेट सिर्फ 50.4 फीसद पाई गई है, जो इसके पहले जारी किए गए डाटा से बहुत कम है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते की इस वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल से जुड़ा डाटा जारी किया गया था, जिसमें इस वैक्सीन को 75 फीसद कारगर बताया गया था। इसके बाद कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी गई थी। चीनी वैक्सीन को लेकर आए नवीनतम परिणाम ब्राजील के लिए एक बड़ी निराशा है, क्योंकि ब्राजील टीकाकरण के लिए तैयार है और इसके लिए उसने दो वैक्सीन में से एक के लिए चीन वैक्सीन को चुना है। ऐसे में ब्राजील के लिए आगे की रणनीति आसान नहीं होगी।

ब्राजील में सिनोवेक वैक्सीन की पार्टनर बुटानटन इंस्टीट्यूट ने लोगों से कहा है कि वो वैक्सीन के नए आंकड़ों पर ध्यान ना दें। चीन की इस वैक्सीन का नाम कोरोनावैक  है। बुटानटन इंस्टीट्यूट ने ब्राजील हेल्थ रेगुलेटर के सामने इस वैक्सीन का नया डेटा पेश किया जिसमें इसकी एफीकेसी(प्रभावकारिता) रेट 50.4 फीसदी बताई गई है।

इस बीच, तुर्की के शोधकर्ताओं ने पिछले महीने कहा कि एक अंतरिम विश्लेषण के आधार पर कोरोनावैक 91.25% प्रभावी था। इंडोनेशिया ने सोमवार को अंतरिम डाटा के आधार पर वैक्सीन आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी, यह 65% प्रभावी है। गौरतलब है कि कोरोना के खिलाफ बायोइनटेक फाइजर की वैक्सीन और मॉडर्न इंक की वैक्सीन अपने ट्रायल के अंतिम चरण में है। हालांकि, यह वायरस को रोकने में लगभग 95% प्रभावी साबित हुआ।

Load More In विदेश
Comments are closed.