दुनियाभर में तेजी से फैले कोरोना वायरस के संक्रमण ने खेल जगत की सभी गतिविधियों को ठप कर दिया है। जिसके चलते भारतीय ओलंपिक संघ ने खेल मंत्रालय से 200 करोड़ रुपए की मदद मांगी है। जिसको खेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। ओलंपिक संघ का कहना है कि, अगले साल तक प्रायोजकों के आने की उम्मीद नहीं है।
आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्री किरेन रिजिजू को लिखे पत्र में कहा है कि यदि मदद को मंजूरी नहीं मिली तो लॉकडाउन खत्म होने के बाद खेल फिर से शुरू करने में मुश्किलें आएंगी।
बत्रा ने आग्रह किया कि आईओए के लिए 10 करोड़, ओलंपिक खेलों की राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) में से प्रत्येक के लिए 5-5 करोड़, प्रत्येक गैर ओलंपिक एनएसएफ के लिए ढाई-ढाई करोड़ और राज्य ओलंपिक संघों को एक-एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाए। यह लगभग 220 करोड़ रुपये की राशि बैठती है।