Home बिज़नेस नए साल में इंश्योरेंस सेक्टर में इनोवेशन का रहेगा बोलबाला, प्रोडक्ट्स से लेकर क्लेम प्रोसेसिंग में बढ़ेगा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

नए साल में इंश्योरेंस सेक्टर में इनोवेशन का रहेगा बोलबाला, प्रोडक्ट्स से लेकर क्लेम प्रोसेसिंग में बढ़ेगा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

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वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी कोविड की वजह से कुछ कारोबारों और सेक्टरों को अभूतपूर्व स्थिति से गुजरना पड़ा। इनमें ट्रैवल और टूरिज्म प्रमुख हैं। दूसरी ओर, हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस में मजबूत संभावनाएं दिखीं। पहली तिमाही के बाद लॉकडाउन के समय में बिजनेस करने के तरीके में काफी बदलाव आया। अधिकतर बिजनेस फिजिकल से डिजिटल हो गए।

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में प्रमुख (क्लेम्स, अंडरराइटिंग एंड रिएश्योरेंस) संजय दत्त ने एक ईमेल इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि नए साल में इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़ी सेवाओं में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और बढ़ेगा और क्लेम प्रोसेसिंग को बेहतर बनाने के लिए नए तरह का इनोवेशन देखने को मिलेगा।

हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में ज्यादातर प्रोसेस पहले ही डिजिटाइज थे और ऐसे में यह परिवर्तन कंपनी के लिए कोई शुरुआती परेशानी लेकर नहीं आया।

वर्ष 2020 में इंश्योरेंस सेक्टर में हुए बदलाव के बारे में पूछे जाने पर दत्त ने कहा कि जुलाई, 2020 में रेगुलेटर (नियामक) की ओर से स्टैंडर्ड, छोटी अवधि के और सस्ते कोविड संबंधी प्रोडक्ट डिजाइन किए गए। इसकी ग्राहकों में अच्छी चर्चा रही। प्रोडक्ट का डिजाइन सरल था और उनमें इंश्योरेंस अवधि को लेकर एक लचीलापन था। यही वजह है कि ये काफी लोकप्रिय हुए। हमारे कोर वैल्यू के केंद्र में ग्राहक ही हैं, लिहाजा हमने मार्च में ही कोविड से जुड़े प्रोडक्ट खास बेनिफिट प्रोडक्ट लॉन्च कर दिए थे।

दत्त के मुताबिक मई में कंपनी ने कोविड से ही जुड़ा खास Indemnity प्रोडक्ट लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने रेगुलेटर (नियामक) के निर्देश के हिसाब से स्टैंडर्ड कोविड प्रोडक्ट लॉन्च किए। हमने बगैर किसी अतिरिक्त कीमत लिए अपने मौजूदा प्रोडक्ट्स में तीन बेहद प्रासंगिक बेनिफिट्स जोड़े। उन्होंने कहा, ”हमने होम हेल्थकेयर कवर देना शुरू किया ताकि हमारे कस्टमर्स को अस्पताल न जाना पड़े और वो कोरोना संक्रमण के जोखिम से बचे रहें। इन मरीजों के कोविड क्लेम का वेटिंग पीरियड 30 दिनों से घटा कर 15 दिन कर  दिया गया।

वर्ष 2020 में इंश्योरेंस सेक्टर के समक्ष पेश आईं चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर दत्त ने कहा कि अचानक लॉकडाउन के ऐलान से ज्यादातर कामकाज और कर्मचारियों और कस्टमर्स की सुरक्षा के लिए डिजिटाइजेशन और वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी लागू करने में कुछ संगठनों के सामने कुछ अड़चनें आई होंगी। उन्होंने कहा, ”चूंकि अचानक काफी बड़ा बदलाव आ गया था और सोचने की प्रक्रिया में परिवर्तन हुआ था इसलिए ये माना जा सकता है कि इन्हें अपनाने में एक मानसिक रुकावट जैसी स्थिति पैदा हुई होगी। लेकिन जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में हमें किसी चीज को अपनाने में जो शुरुआती दिक्कतें आती हैं वो नहीं आई क्योंकि लॉकडाउन के पहले से हमारी कई प्रोसेस डिजिटल हो चुकी थीं।

नए साल में हेल्थ इंश्योरेंस सहित पूरे इंश्योरेंस सेक्टर में संभावित बदलाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा नए साल में हेल्थ इंश्योरेंस सहित सभी बिजनेस लाइन में टक्नोलॉजी सर्विस मुहैया कराने का बड़ा माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि लोग अपने फाइनेंशियल प्लान में हेल्थ इंश्योरेंस को जरूर शामिल करेंगे। इससे पहले इसे अपनी इच्छा से किए गए खर्चे की तरह देखा जा रहा था। प्रोडक्ट इनोवेशन खास कर डिजिटल लाइन के इनोवेशन के आधार पर सर्विस को कस्टमर के बीच काफी स्वागत होगा। शॉर्ट टर्म और जरूरत के आधार पर मेडिकल इंश्योरेंस प्रोडक्ट का महत्व बरकरार रहेगा।

क्लेम को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दत्त ने कहा कि क्लेम प्रोसेसिंग तीन बुनियादी सिद्धांतों पर फोकस करती है- प्रोसेसिंग की स्पीड। सबसे बड़ी चीज तो रियल टाइम में क्लेम को प्रोसेस करना है। दूसरी चीज है प्रोसेसिंग की क्वालिटी। यहां पेमेंट इंटेग्रिटी और सटीकता मायने रखती है। तीसरी चीज इसे सदस्यों को इस तरह कम्युनिकेट करना कि उन्हें आसानी से समझ आ जाए।

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