सीहोर में एक आगजनी मामले को लेकर पीड़ित किसान ने पुलिस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बाद भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके कारण उसे न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पीड़ित किसान कमलेश परमार, निवासी ग्राम हीरापुर, के अनुसार 20 मई को उसके खेत स्थित मकान और खलिहान में आग लगा दी गई। उनका आरोप है कि पड़ोसी द्वारा जानबूझकर आग लगाने से करीब 15 ट्रॉली भूसा, 10 ट्रॉली खाद, पाइप और अन्य सामग्री जलकर नष्ट हो गई। इस घटना में लगभग 5 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है।
कमलेश परमार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद से वह लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जनसुनवाई के दौरान पीड़ित और ग्रामीणों ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है।
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने पीड़ित की शिकायत सुनने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जांच कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने की बात कही।