मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ की गई। इसके बाद कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप द्वारा मीडिया को दी गई। बैठक में विकास, निवेश, सामाजिक कल्याण, पर्यटन और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) यात्रा की जानकारी मंत्रिमंडल को दी। इस दौरान मध्य प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में Google और Nvidia जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ लॉजिस्टिक पार्क और तकनीकी सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई।
सेवा भारती के सहयोग से प्रदेश में पहली बार ‘संध्या छाया’ नामक आधुनिक वृद्धाश्रम की शुरुआत की गई है। इसमें 34 कमरे हैं और 56 वृद्धजनों के रहने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय स्तर के ओलंपिक और एशियाई खेलों की तर्ज पर किया गया है, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा।
कैबिनेट ने पचमढ़ी क्षेत्र के विकास के लिए 395.931 हेक्टेयर भूमि को अभयारण्य क्षेत्र से मुक्त कर SADA (Special Area Development Authority) क्षेत्र में शामिल करने का निर्णय लिया। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी पूर्व तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए खसरा आधारित युक्तिसंगत प्रक्रिया के बाद लिया गया है। इससे पचमढ़ी को एक बेहतर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए टाइगर रिजर्व के बफर जोन को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने के लिए 390 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। यह कदम वन्यजीव संरक्षण को और मजबूती प्रदान करेगा।
जल संसाधन विभाग की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। तवा परियोजना की बागरा और पिपरिया शाखाओं के माध्यम से सोहागपुर और बाबई तहसील के 63 गांवों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
परियोजना लागत: ₹215 करोड़
सिंचाई क्षेत्र: लगभग 10,210 हेक्टेयर
लक्ष्य: नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों में 100% सिंचाई कवरेज
सरकार ने युवाओं के लिए विदेश में रोजगार से जुड़ी योजना का विस्तार करते हुए इसका नाम ‘अन्य पिछड़ा वर्ग युवा विदेश रोजगार निवेश नियोजन योजना-2025’ कर दिया है।

अब किसी भी देश में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं को आने-जाने का खर्च सरकार द्वारा दिया जाएगा
योजना के लिए ₹45 करोड़ का प्रावधान
प्रतिवर्ष 500 से 600 युवाओं को लाभ
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की 15 पुरानी योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इनमें छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण और मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना शामिल हैं। साथ ही राजस्व विभाग के लिए नए आवासीय भवनों के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई।