रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी
नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर लगातार घातक साबित होती जा रही है। इस बीच लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। ऐसे में कई लोग जानकारी के अभाव में कई गलती कर बैठ रहे हैं, लेकिन ऐसा करना उनकी जान पर भी भारी पड़ सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे कोरोना मरीजों की कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें भूल कर भी न करें-
पेनकिलर्स- अक्सर कोरोना मरीज़ सेल्फ आइसोलेशन में डॉक्टर की सलाह पर बुखार या सिरदर्द से राहत के लिए पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी दवाएं ले लेते हैं। इसके अलावा कई डॉक्टर कॉम्बिफ्लेम और फ्लेक्सॉन जैसी दवाओं भी लेने की सलाह देते हैं। जबकि इस तरह पेनकिलर्स खाना या इन दवाओं का ओवरडोज आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
एंटीबायोटिक्स- एंटीबायोटिक दवाओं से कोरोना का इलाज करना सही नहीं है। डॉक्टर्स की मानें तो एंटीबायोटिक्स कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर नहीं हैं। इसके अलावा आपको एंटीबैक्टीरियल हैंड वॉशिज़ की जगह 60 प्रतिशत एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर्स का ही प्रयोग करना चाहिए।
आयुर्वेदिक उपचार- कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कुछ लोग बिना डॉक्टर्स की सलाह के आयुर्वेदिक या पारंपरिक दवाओं का इस्तेमाल करने लगते हैं। हालांकि, ऐसा करना उनके स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है क्योंकि इन चीजों का अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए ऐसी किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से राय जरूर लें।
कफ सिरप- कोरोना में खांसी होने पर मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपको डॉक्टर्स की सलाह पर ही खांसी की दवा या कफ सिरप लेना चाहिए। इसके अलावा गले में खराश से राहत के लिए आप शहद और नींबू ले सकते हैं। साथ ही हल्के गर्म पानी के गरारे भी कर सकते हैं।
ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ भोजन की आदतें होना भी जरूरी है। ज्यादा कैलोरी वाले भोजन की जगह फाइबर से भरपूर भोजन का सेवन करें। फल व उनके जूस का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, सैचुरेटेड फैट और अधिक शुगर युक्त भोजन खाने से बचें। इससे ‘बॉडी इंडेक्स मास’ (BMI) बढ़ता हैं। बता दें कि पिछले साल भी कोरोना से मरने वाले कई मरीजों में BMI लेवल बहुत हाई था।