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कितना टैक्स वसूलती है मोदी सरकार? जानें इनकम टैक्स स्लैब से जुड़ी अहम बातें

By: RNI Hindi Desk 
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कितना टैक्स वसूलती है मोदी सरकार? जानें इनकम टैक्स स्लैब से जुड़ी अहम बातें

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस दशक का अपना पहला बजट पेश कर रही है, जिसमें उन्होंने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। वित्तमंत्री ने कहा कि “जब दुनिया इतने बड़े संकट से गुजर रही है, तब सभी की नजरें भारत पर हैं। ऐसे में हमें अपने टैक्सपेयर्स को सभी सुविधाएं देनी चाहिए”।  इसके बाद उन्होने एलान किया कि भारत में अब 75 साल से ऊपर के पेंशनधारियों को टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

वहीं उन्होंने टैक्स रिअसेसमेंट में भी बड़ी राहत दी है, पहले टैक्स रिअसेसमेंट 6 साल और गंभीर मामलों में 10 साल बाद भी केस खोले जा सकते थे। जिसको घटाकर सरकार ने अब 3 साल कर दिया है। आगे उन्होने कहा कि गंभीर मामलों में जब एक साल में 50 लाख से ज्यादा की इनकम छिपाने की बात होगी, तभी 10 साल तक के केस खोले जा सकेंगे। इन मामलो को खोलने के लिए कमिश्नर अपनी मंजूरी देगा।

अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) खुद भर रहे हैं तो आपको रहनी चाहिए इन बातों की जानकारी :-

भारत में नौकरी, कारोबार या पेशे से आमदनी वाले हर व्यक्ति के लिए इनकम टैक्स चुकाना जरूरी है। इसके लिए शर्त यह है कि आपकी आमदनी टैक्स छूट की आम सीमा 2.5 लाख रुपये से अधिक हो (2020 बजट के अनुसार)। इस मामले में राहत सिर्फ उन्हीं लोगों को मिली हुई है जिनकी कमाई बेसिक छूट की सीमा से कम है।

पिछले साल के बजट में इनकम टैक्स की व्यवस्था में किया गया था बड़ा बदलाव :-

वित्त मंत्री ने पिछले साल वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए टैक्सपेयर्स को दो तरह का विकल्प चुनने की आजादी दी थी। एक नए टैक्स स्लैब बना दिया गया और कहा गया कि टैक्सपेयर नया या पुराना कोई भी टैक्स स्लैब चुन सकते हैं।

टैक्स मामलों के जानकार और गिरी ऐंड कंपनी के प्रोपराइटर अमरनाथ गिरी बताते हैं, ‘अगर किसी की मंथली इनकम 50 हजार महीने है और उसने पुराने टैक्स स्लैब को चुना है, उसकी सिर्फ सैलरी से आमदनी है तो उसका कोई टैक्स नहीं लगेगा, बशर्ते उसने तमाम डिडक्शन का फायदा उठाया हो।

2.5 लाख रुपये की आय पर टैक्स नहीं लगेगा। यह छूट पहले से थी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय पर भी पहले की तरह 5 फीसदी टैक्स लगेगा।

लेकिन इसके बदले सरकार 12,500 रुपये का रीबेट देती है जिससे यह शून्य हो जाता है। यानी 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता। 5 लाख रुपये से ज्यादा आय वाले लोगों को बड़ी राहत म‍िली है। अब 5 लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा।

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस), स्वैच्छिक प्रोविडेंट फंड (वीपीएफ) और इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80डी के साथ सेक्शन 24 के हिसाब से भी कुछ खर्च पर आप अलग से टैक्स बचा सकते हैं।

धारा 80सी के तहत ही 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन का फायदा मिल जाता है और लोग ऐसे डिडक्शन का फायदा उठाते ही हैं। इसके अलावा वेतनभोगी लोगों को अभी 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है।

दूसरी तरफ यदि इतनी ही इनकम वाले व्यक्ति ने नए टैक्स स्लैब को चुना है तो उसे करीब 23,400 रुपये का टैक्स देना पड़ेगा, क्योंकि उसे डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा।

आप को बता दें कि नए टैक्स स्लैब की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ज्यादातर डिडक्शन खत्म कर दिए गए हैं। खत्म किए गए करीब 70 डिडक्शन ऐसे हैं जिनमें निवेश कर ज्यादातर लोग टैक्स का लाभ उठाते रहे हैं।

इनमें सेक्शन 80 सी, 80 डी के तहत मिलने वाले सभी डिडक्शन शामिल हैं। इसमें अगर महत्वपूर्ण मद की बात करें तो सिर्फ न्यू पेंशन योजना (NPS) में एम्प्लॉयर द्वारा किया जाने वाला निवेश ही बचा है। सरकार कुल मिलाकर सौ से ज्यादा रियायतें देती है। लेकिन नई टैक्स स्लैब का लाभ लेने पर आपको टैक्स में मिलने वाली करीब 70 रियायतों को छोड़ना पड़ेगा।

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