वर्तमान में लोगों की लाइफस्टाइल में बहुत बड़ा बदलाव आ गया है और यही कारण है कि थकान, कमजोरी और डिप्रेशन आम बात हो गयी है, हर व्यक्ति आज इन सब समस्याओं से पीड़ित है तो ऐसे में इस समस्या का समाधान क्या हो ?
दरअसल कई बार भोजन के बारे में सही जानकारी नहीं होने के कारण भी यह समस्या होती है, विटामिन युक्त खाने के बारे में जानकारी लोगों को नहीं होती है, वही पोषण युक्त भोजन कौनसा रहेगा ये भी लोगों को पता नहीं होता है।
स्वामी रामदेव ने वर्षों की मेहनत और रिसर्च के बाद भारत के उस प्राचीन आयुर्वेद को जीवित किया है जिसने सदियों से विश्व की सभ्यता को प्रभावित किया है। स्वामी रामदेव ने शहद के इस्तेमाल के कई फायदे बताये है जो आम लोगों को मालूम नहीं है, शहद के उपयोग से ना सिर्फ मनुष्य की त्वचा चमकदार बनती है बल्कि उसे शरीर की कमजोरी से भी निजात मिलती है।
खाने की कई चीज़ों में औषधीय गुण होते है लेकिन शहद के तो क्या कहने ! शहद में जितने गुण है वो शायद किसी और खाने की चीज़ में हो, मानव सभ्यता में अगर सबसे पुरानी दवाई किसी को बोला जाता है तो वो शहद है।
अब सबसे पहले आपको बताते है कि मधु यानी शहद क्या होता है ? शहद मुलत: मधुमक्खियों द्वारा संसाधित फूलों का रस है, जिसे वे अनेक प्राकृतिक एन्ज़ाइम मिला कर अपने छत्तों में सहेज कर रखती हैं। मधुमक्खियाँ ये शहद मूलतः अपने खुद के इस्तेमाल के लिए बनाती हैं और यही उनका मूल भोजन भी है।
स्वामी रामदेव शहद के बारे में बताते हुए कहते है कि शहद की तासीर को लेकर लोगों में भ्रम है की शहद की तासीर गर्म है या ठंडी, जबकि शहद की तासीर योगवाही है, आयुर्वेद में इसका अर्थ होता है हर किसी के साथ अलग गुण दे देना। अगर शहद को गर्म चीज़ के साथ मिला दिया जाये तो उसकी तासीर गर्म हो जाती है वही ठंडी के साथ उसकी तासीर ठंडी हो जाती है।
उदाहरण के लिए अगर सर्दियों में किसी को खांसी की समस्या है तो अदरक के रस के साथ शहद लेने से फायदा होता है,अब चूंकि अदरक की तासीर गर्म है तो शहद गर्म प्रभाव देगा वही अगर ठंडियों में आप ठंडाई में शहद मिलाकर पीते है तो वो ठंड करता है तो यह साफ़ है की शहद की तासीर इस चीज़ पर निर्भर करती है कि वो किसके साथ खाया जाता है।
स्वामी रामदेव कहते है, शहद का इस्तेमाल अधिक मात्रा में न करके बल्कि थोड़ा थोड़ा करना चाहिए, शहद हमेशा लिमिट में ही खाना चाहिए, शहद शरीर में वात, पित्त और कफ तीनो दोषों को संतुलित करता है, शहद इन्फेक्शन से भी बचाता है और शरीर में अधिक कमजोरी आ रही हो तो शहद को चाटने मात्र से ऊर्जा प्राप्त होने लगती है।
स्वामी रामदेव ने शहद के ऊपर सालों रिसर्च करके इसके फायदों को आम लोगों के सामने पहुंचा दिया है जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आये है। रामदेव बताते है कि हज़ारों साल पहले भी शहद था और लोग इसका इस्तेमाल जलने या घाव लग जाने पर नेचुरल बैंडेज के रूप में करते थे।
हमारे शरीर में तीन प्रकार की रक्त कोशिकाएं होती है, RBC और WBC यानी की रेड ब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड सेल्स जो की शरीर को स्वस्थ रखते है, इसके अलावा शरीर में बिम्बाणु होते है और ये तीनों मिलकर शरीर में 45% रक्त ऊतकों का निर्माण करते है।
स्वामी रामदेव का कहना है कि अगर आप शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पीते है तो आपके शरीर में RBC यानी की लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ने लगती है, इनका काम होता है शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करना।
अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो उसमे भी शहद फायदे करता है, रोज़ गुनगुने पानी के साथ शहद लेने से एनीमिया जैसे रोगों में आराम मिलता है। ऐसी महिलाएं जिनको मासिक धर्म के दौरान समस्या आती है अथवा तो कमजोरी रहती है उन्हें भी शहद का सेवन अवश्य करना चाहिए।
शरीर का सबसे जरुरी पार्ट है आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, अगर यह कमजोर हो तो तुरंत आपको बीमारी होगी और आपका शरीर जल्दी ठीक नहीं होगा, शहद का सेवन आपके शरीर में एंटी ऑक्साइड तत्वों को बढ़ा देता है। उपचारात्मक शहद को अगर किसी के जख्म पर लगाया जाए तो वो उस जगह से सारे बैक्टीरिया को खत्म करने की ताकत रखता है।
शहद भोजन से पैदा होने वाले जीवाणुओं जैसे इशटीशिया कोली और सेलमोनेला को नष्ट कर सकता है। शहद उन बैक्टीरिया से लड़ने में भी प्रभावकारी साबित हुआ है, जिन पर एंटीबायोटिक्स का असर नहीं होता, सिर्फ इतना ही नहीं शहद का एक महत्वपूर्ण प्रयोग बलवर्धक औषधि के रूप में भी किया जाता है क्यूंकि इसमें ग्लूकोज और फ्रक्टोज दोनों होते है।
शहद के कई फायदे है और सबसे बड़ा फायदा है, पाचन और कब्ज से आराम, शहद एक हल्का एक हल्का लैक्सेटिव है जो आपको लीवर इन्फेक्शन से बचाता है। शहद को एक सुपाच्य खाद्य पदार्थ माना जाता है जिसे इंसान आसानी से पचा सकते हैं, शहद के साथ मिलाने पर औषधि आसानी से और तेजी से शरीर में समा जाती है और रक्त प्रवाह के द्वारा पूरे शरीर में फैल जाती है।
वजन कम करने में भी शहद बेहद असरदार है, अध्ययन में पाया गया है कि एक गिलास गुनगुने पानी के साथ शहद रोज़ सुबह लेने पर लोगों का वजन नियंत्रित रहता है।
तो आज इस लेख में आपने जाना की कैसे शहद हमारे शरीर के लिए किसी औषधि से कम नहीं है, अगले लेख में हम बात करेंगे स्वास्थ्य से जुड़े एक और अहम मुद्दे पर।