रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नैनीताल: देश के सभी राज्यों में तबाही मचा रहा कोरोना वायरस लगातार बढ़ता ही जा रहा है, कोरोना की चपेट में उत्तराखंड भी आ चुका है। उत्तराखंड में रावत सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद महामारी की रोकथाम नहीं हो पा रही है। जिसको देखते हुए उत्तराखंड हाई कोर्ट ने रावत सरकार को 10 अहम निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट ने अपने इस आदेश में अस्पताल, ऑक्सीजन और आईसीयू समेत कई प्वाइंट्स पर फोकस करने को कहा है।
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटो में 2100 से अधिक केस सामने आए हैं। इसके साथ एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 18 हजार के पार चली गई है। साढ़े तेरह हजार से अधिक लोग होम आईसोलेशन में हैं, तो पांच हजार से अधिक मरीज हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि पहाड़ के दुरस्त इलाकों में मोबाइल टेस्टिंग वैन की व्यवस्था करे, कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाने का इंतजाम करें, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड सरकार बढ़ाये, अस्थायी अस्पताल बनाने का भी कोर्ट का निर्देश है, इसके साथ हर जिला अस्पताल में सिटी स्कैन के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने आगे आदेश दिया कि प्राइवेट अस्पताल के ओवरचार्ज रोकने लिए सरकार को आदेश दिया गया है। 25 प्रतिशत बीपीए परिवारों का इलाज प्राइवेट अस्पताल करें, राज्य के अस्पतालों में आईसीयू बेड समेत दवा की जानकारी ऑनलाइन करने का कोर्ट का आदेश है, यही नहीं, 5 मई तक कोर्ट में राज्य के सचिव (मेडिकल) से डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है।
देश में पिछले 24 घंटे में 2,59,170 नये मामले सामने आये हैं। इस दौरान 1,54,761 लोग महामारी को मात देकर घर जा चुके हैं। जबकि पिछले 24 घंटो में 1,761 लोगो ने महामारी से अपनी जान गंवा दी है। ये ऑकड़े केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गये हैं।