आज की भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में अस्वस्थ होना आम बात हो गई है, ऐसे में आपकी दिनचर्या स्वस्थ कैसे हो ये बड़ा सवाल है, जानकारी के अभाव में कई बार लोग अपनी दिनचर्या को अनियमित कर लेते है जिसके कारण उनको सेहत संबंधी परेशानी से जूझना पड़ता है तो आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले है स्वामी रामदेव के मत अनुसार आपकी दिनचर्या कैसी हो ताकि आप स्वस्थ रहे और निरोगी जीवन व्यतीत करें।
संस्कृत में दैनिक कार्यकम को दिनचर्या कहते हैं। दिन का अर्थ है दिन का समय और अचार्य का अर्थ है उसका पालन करना या उसके निकट रहना। आयुर्वेद यह मानता है कि दिनचर्या शरीर और मन का अनुशासन है और इससे प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है और मल पदार्थो से शरीर शुद्ध होता है और इससे प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है।
स्वामी रामदेव कहते है कि, मनुष्य को सुबह उठकर पानी पीना चाहिए और ऐसे लोग जिनको कब्ज, पाचन समस्या, एसिडिटी की दिक्क्त है उन्हें गर्म पानी और उसके साथ एलोवेरा जूस लेना चाहिए, सर्दी में ज्यादा गर्म और गर्मी में ज्यादा ठंडा पानी भी नुकसान करता है इसलिए अगर आपको कोई बीमारी नहीं है तो आपको साधारण पानी ही पीना चाहिए।
पानी पीने का एक नियम भी है कि कभी भी खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए, अगर आप को घुटने की बीमारी है तो और भी अधिक जरुरी है कि आप खड़े होकर नहीं वरन बैठकर पानी पीये, अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपका वात विकृत हो जाएगा।
कई बार लोगों के मन में यह सवाल आता है कि सुबह गर्म पानी के साथ क्या लिया जाए ! इसका जवाब देते हुए स्वामी रामदेव कहते है कि मनुष्य को सुबह गौ मूत्र, गिलोय की गोली भी लेनी चाहिए, इससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।
सुबह गर्म पानी पीने और शौच आदि से निवृत होने के बाद रोज़ 20 मिनट प्राणायाम करना चाहिए, साथ में सूर्य नमस्कार करने से हड्डियां मजबूत होती है। स्वामी रामदेव कहते है कि मनुष्य अगर रोज़ प्राणायाम करे तो उसे वृद्धावस्था में समस्या नहीं आती है शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी बेहतर होती है, इससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।
इसके बाद अगर नाश्ते की बात करे तो नाश्ता हमेशा हल्का लेना चाहिए, कई लोगों की आदत होती है की वो रोज़ भारी नाश्ता जैसे इडली डोसा, पराठे, चावल खाते है, ऐसे में ऐसा नाश्ता रोज़ रोज़ करना आपको नुकसान करता है, भारी नाश्ता आप हफ्ते में 1 बार कर सकते है लेकिन रोज़ आपको नाश्ते में दलिया या अंकुरित अनाज या फलों का रस लेना चाहिये।
दिन के खाने की बात करे तो अनाज बदलते रहना चाहिए, स्वामी रामदेव का कहना है कि मिश्रित अनाज फायदेमंद रहता है, आप जौ चने और गेंहू का मिक्स आटा इस्तेमाल कर सकते है, हालांकि घी 1 जैसा ही खाये, अगर आप गाय का घी खाते है तो और भी बेहतर है, वही तेल की अगर बात करे तो सरसों और तिल का तेल फायदेमंद रहता है।
खाना खाने के तरीके के बारे में अब आपको बता देते है, खाने को हमेशा चबा चबा कर खाना चाहिए, इससे खाना पचने में आसानी होती है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक बना रहता है, खाना खाने के 1 घंटे के बाद ही पानी पीना चाहिए उससे पहले नहीं, क्यूंकि उससे जठर अग्नि मंद पड़ जाती है। खाने के बाद छाछ लेना सेहत के लिए ठीक रहता है।
अगर रात के खाने की बात करे तो रात को हमेशा हल्का खाना ही लेना उचित रहता है, खाने के बाद दूध जरूर लेना चाहिए और उसमे भी 1 घण्टे का अंतर रहे, वही मनुष्य को चाहिए की वो रोज़ रात 10 बजे के पहले सो जाए और 7 घण्टे की सम्पूर्ण नींद लेकर सुबह उठे ताकि उसके शरीर को एक दिव्यता का अहसास हो। रोज़ सुबह उठकर उगते सूरज के प्रकाश में सूर्य नमस्कार करने से विटामिन डी प्रचुर मात्रा में मिलता है जो की सिर्फ उगते सूर्य से ही मिलता है।
तो आज हमने बात की स्वस्थ दिनचर्या के कुछ पहलुओं के बारे में जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते है। अगले लेख में हम बात करेंगे आपकी सेहत से जुड़े किसी और मुद्दे पर।