रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: भारत में नाम बदलने का सिलसिला इस कदर बढ़ रहा है कि ड्रैगन फ्रूट के नाम से जाना जाने वाला फल अब गुजरात में कमलम के नाम से जाना जायेगा। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने इसका एलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ड्रैगन फ्रुट का नाम बदलने का फैसला किया है, इस फल का बाहरी रुप कमल के फल से मिलता है, इसलिए ड्रैगन फ्रुट को अब कमलम् के नाम से जाना जायेगा।
मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने इस फल का नाम बदलने के साथ-साथ तर्क दिया कि देश में यह फल कैक्टस पर उगता है, हमको इसका नाम ठीक नहीं लगा इसलिए हमने इसके नाम को बदल दिया। आगे उन्होने कहा कि इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। कमलम् नाम से किसी को भी चौकनें की जरुरत नहीं है।
इस फल का नाम कमलम् संस्कृत से जोड़ कर रखा गया है। आपको बता दे कि कमल का संस्कृत नाम कमलम होता है। वहीं गुजरात भाजपा कार्यालय का नाम भी श्री कमलम है। भारत में इस फल का आयात दक्षिण अमेरिका से किया जाता है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में ड्रैगन फ्रुट की भी जिक्र किया था।
इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्रैगन फ्रुट की जानकारी लेने के लिए किसान गया प्रसाद से मुलाकात की थी। जिसके बाद सीएम योगी ने कहा था कि प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने अपने परिश्रम से ऐसी फसलें उगाई हैं। जिनके बारे में कहा जाता था कि इन फसलों को नहीं उगाया जा सकता है।
आपको बता दें कि ड्रैगन फ्रूट प्रमुखत: वियतनाम का फल है, जहां की 80 फीसदी अर्थव्यव्सथा इसी फल की खेली पर निर्भर है।
यह तो बात हो गई ड्रैगन फ्रूट की, अब आते हैं नाम बदलने की प्रकृया पर
अभी तक देश में स्थानों,गांवों,शहरों और कस्बो का नाम बदला जाता था, लेकिन सीएम विजय रुपानी ने गुजरात में फल के नाम को भी बदल दिया है। हांलाकि गावों, शहरों, कस्बों, का नाम पुराने समय से ही बदला जाता रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद शहरों और कस्बों के नाम बदलने की प्रकृया तेज हो गई है। मुगलसरायं को पंडित दीन दयाल उपाध्याय कर दिया गय। इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया गया। इतना ही नहीं सीएम योगी जब गोरखपुर से सांसद थे,तब वो वहां छोटे-छोटे कस्बों का भी नाम बदल दिये थे।