मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि को लेकर संबोधन देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों को जो भी नुकसान हुआ है, उसका तत्काल और वास्तविक सर्वे कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान के नुकसान की अनदेखी न हो और सर्वे पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में जिला प्रशासन और कृषि विभाग की जिम्मेदारी है कि वे गांव-गांव जाकर फसल क्षति का आकलन करें, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसानों को समय पर राहत दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर राहत एवं मुआवजा प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और आपदा की इस घड़ी में उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि मौसम को देखते हुए प्रशासन सतर्क रहे और भविष्य में संभावित नुकसान को कम करने के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।