रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के दिन आंदोलन के नाम पर हुई हिंसा के बाद सरकार आंदोनकारियों के साथ पूरी सख्ती के साथ निपटने की तैयारी कर ली है। गृह मंत्रालय ने 10 हजार से अधिक पैरा-मिलिट्री बलों को तैनात कर दिया गया है। जबकि दूसरी ओर हरियाणा के रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मसानी बैराज के पास बैठे किसानों को बुधवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत कर अल्टीमेटम कर दिया है।

आपको बता दें कि स्थानीय लोगों में दिल्ली में हिंसा को लेकर काफी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों ने आंदोलनकारियों से कहा है कि स्थानीय लोग आंदोलन में शामिल नहीं इसलिए इस इलाके को खाली कर दिया जाए। इतना ही नहीं स्थानीय निवासियों ने उनसे कहा कि आंदोलन की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर बैठे किसानों के विरोध में हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन और स्थानीय दुकानदार भी लामबंद हो गये हैं।

बुधवार सुबह लगभग 20 गांव के लोगों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। वहां के किसानों का कहना है कि वे दिल्ली में लाल किले पर हुई घटना के बाद से बहुत आहत हैं और इस जगह से यह आंदोलन खत्म होना चाहिए।

गांव वालों के अल्टीमेटम के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी भी मौके से हट गए। ग्रामीणों का कहना है कि देश की राजधानी में जो कुछ हुआ है वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस दौरान गांव वालों का कहना है कि हाईवे खाली करने के लिए अल्टीमेटम दे दिया गया था। इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। डेढ़ महीने से मसानी बैराज पर किसान आंदोलन के कारण बिजली, पानी और आवाजाही सहित कई कामों में परेशानी हो रही थी। खेतों में खड़ी फसल भी खराब हो चली है। ऊपर से किसान आंदोलन के नाम पर गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की राजधानी में जो घिनौना काम हुआ वह सहन नहीं किया जाएगा। आंदोलन कर रहे किसान वहां से हट गये हैं।