खंडवा। निमाड़ क्षेत्र में मारवाड़ी समाज का पारंपरिक गणगौर पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। 16 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में कुंवारी एवं बयावली (विवाहित) महिलाएं विशेष रूप से भाग लेकर माता की आराधना करती हैं।
होली की राख से ‘खड़ा’ बनाकर माता की पूजा की परंपरा निभाई जाती है। श्रद्धालु महिलाएं प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर गणगौर माता की पूजा-अर्चना करती हैं और उन्हें पानी पिलाने भी ले जाती हैं। इस दौरान माता को झालरियां अर्पित की जाती हैं और भगवान शिव एवं माता पार्वती (ईसर-गौर) की आराधना की जाती है।
शहर में इस पर्व को लेकर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आनंद नगर स्थित “एक नई उड़ान” परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने रैंप वॉक के माध्यम से गणगौर की पारंपरिक झलक प्रस्तुत की। वहीं विद्या पार्क में आयोजित उत्सव में महापौर अमृता अमर यादव ने शामिल होकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इसके अलावा शहर के एक निजी होटल में भी आयोजन हुआ, जहां युवतियां पारंपरिक वेशभूषा के साथ-साथ साउथ इंडियन ड्रेस में नजर आईं और गणगौर माता की झालरियां अर्पित कीं।
निमाड़ में गणगौर पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है, जहां महिलाएं पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।