Home विदेश भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका सातवीं बार हुई खारिज

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका सातवीं बार हुई खारिज

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ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी की जमानत याचिका को सातवीं बार खारिज कर दी है। नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक के लोन की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले का आरोपी है और उसे भारत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

बता दें कि इससे पूर्व की सुनवाई में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के वकीलों ने कोर्ट से कहा था कि नीरव की मानसिक दशा ठीक नहीं है। वह अवसाद में है। भारत भेजे जाने पर वह वहां आत्महत्या कर सकता है। नीरव के वकीलों की इस दलील पर ब्रिटिश कोर्ट ने नीरव के पारिवारिक इतिहास की जानकारी मांग ली थी। अदालत ने पूछा था कि नीरव के कितने परिजनों ने आत्महत्या की है।

वहीं, नीरव के वकीलों का कहना है कि मुंबई की आर्थर रोड जेल में बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीरव मोदी केस में पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व उप प्रबंधक गोकुल नाथ शेट्टी और उसकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार्जशीट दायर की है। शेट्टी पर 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की मदद करने का आरोप है।

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में भारत सरकार की ओर से भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में साक्ष्य देने के लिए आत्म प्रचारक कहे जाने को चुनौती दी थी। पांच दिवसीय सुनवाई के अंतिम दिन न्यायमूर्ति सैमुअल गूजी ने काटजू के विस्तृत साक्ष्य को सुना था।

भारत सरकार की ओर से बहस करते हुए यूके की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने काटजू के लिखित और मौखिक दावों का प्रतिरोध किया कि नीरव की भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी, क्योंकि न्यायपालिका में ज्यादातर लोग भ्रष्ट हैं।

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