केन्द्र सरकार ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को सरकार द्वारा जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला लिया है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को इस बात की जानकारी मिली है।
रंजन गोगोई को देशभर में कहीं भी आने-जाने के लिए Z+ सुरक्षा मिली है। सरकार द्वारा सीआरपीएफ को रंजन गोगोई को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा गया है। अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाने से पहले भी तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को जेड प्लस सुरक्षा दी गई थी।
राज्यसभा सदस्य गोगोई को पहले दिल्ली पुलिस सुरक्षा मुहैया करा रही थी। गोगोई नवंबर, 2019 में प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए और बाद में सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया।
सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ वीआईपी सुरक्षा ईकाई है और गोगोई 63वें व्यक्ति हैं जिन्हें बल द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ के 8 से 12 कमांडो का सशस्त्र सचल दस्ता यात्रा के दौरान पूर्व प्रधान न्यायाधीश की सुरक्षा करेगा। उनके घर पर भी ऐसी ही दस्ता सुरक्षा में तैनात रहेगा।
जानकारी के लिए बता दें कि देश के चुनिंदा लोगों को जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है। देश में किस शख्स को यह सुरक्षा दी जानी है इसका फैसला केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है, लेकिन जेड प्लस कैटेगरी के लोगों की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ करता है।