बिहार विधान सभा चुनाव लड़ने के लिए बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट नहीं मिला है। बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, मगर बक्सर सीट से उम्मीद सी जा रही थी कि गुप्तेश्वर पांडेय चुनाव लड़ सकते हैं, वहां से बीजेपी ने किसी और मैदान में उतार दिया है।
गुप्तेश्वर पांडये को बक्सर विधानसभा और वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट दोनों में से कहीं से भी टिकट मिलने पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख की प्रतिक्रिया आई है। अनिल देशमुख का दावा है कि उनके सवालों के डर से ही गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा है कि शायद उनके सवालों से बीजेपी डर गई होगी, इसीलिए उनका टिकट कट गया।
एक इंटरव्यू में अनिल देशमुख ने कहा, “हमने बीजेपी नेताओं से सवाल किया था कि क्या वो गुप्तेश्वर पांडे का प्रचार करने जाएंगे ? शायद उसी सवाल के डर से टिकट नही मिला होगा।” हालांकि, उन्होंने कहा कि किसको टिकट देना है और किसको नहीं ये उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है।
गौरतलब है कि जदयू ने 115 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। जदयू ने अपने हिस्से में आईं 122 सीटों में से सात सीटें अपने सहयोगी और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर को दी हैं।
गुप्तेश्वर पांडे ने बिहार चुनाव लड़ने के लिए ही समय से पहले रिटायरमेंट लिया था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए थे। पांडे बक्सर या उससे सटे ब्रह्मपुर से टिकट चाहते थे लेकिन ये दोनों सीटें बीजेपी के खाते में चली गई।
हालांकि, गठबंधन दलों के बीच ऐसा होता रहा है कि दूसरे दल के नेता सहयोगी दलों के सिंबल पर चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन पांडे के साथ ऐसा नहीं हुआ।