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आबकारी घोटाले की जांच के लिए स्वतंत्र SIT गठित करें CM: जीतू पटवारी ने मोहन यादव को लिखा पत्र

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कथित आबकारी घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र SIT गठित करने की मांग की है। उन्होंने शराब ठेकों की टेंडर प्रक्रिया, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

By: Nivedita 
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आबकारी घोटाले की जांच के लिए स्वतंत्र SIT गठित करें CM: जीतू पटवारी ने मोहन यादव को लिखा पत्र

भोपाल।  मध्यप्रदेश में कथित आबकारी घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से कराने की अपील की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नाइट क्लब, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े करीब एक हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले में सामने आए आरोप गंभीर हैं। उनके मुताबिक, मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को स्वतंत्र जांच के आदेश देने चाहिए।

शराब ठेकों में कथित लेन-देन के आरोप

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में मोहित गोगिया के जांच एजेंसियों को दिए गए कथित बयान का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान पूर्व आईएएस अधिकारी सी. पी. रायचुरा और तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त टी. पी. रायचुरा पर वर्ष 2024-25 में शराब दुकानों के ठेके और टेंडर जारी कराने के बदले एक करोड़ रुपये लेने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनकी सत्यता जांच का विषय है। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

 

आबकारी घोटाले की जांच के लिए स्वतंत्र SIT गठित करें CM: जीतू पटवारी ने मोहन यादव को लिखा पत्र

आबकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने प्रदेश में शराब दुकानों के ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि निविदाएं निर्धारित नियमों के अनुसार जारी की गईं या नहीं। उन्होंने कथित तौर पर कारोबारियों, अधिकारियों और राजनीतिक संपर्कों के बीच संबंधों की भी निष्पक्ष जांच कराने की जरूरत बताई। पटवारी के अनुसार, गंभीर आरोप सामने आने के बाद केवल बयान जारी करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को जांच के जरिए तथ्यों को सामने लाना चाहिए, ताकि जनता का भरोसा कायम रह सके।

 

 

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के सामने रखीं पांच मांगें

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मामले की जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री से पांच प्रमुख कदम उठाने की मांग की है।

स्वतंत्र SIT का गठन: पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
टेंडर प्रक्रिया की पड़ताल: शराब दुकानों के ठेकों से जुड़े टेंडर, निविदा प्रक्रिया और बैंक एफडीआर की जांच की जाए।
वित्तीय लेन-देन की जांच: कथित 50-50 लाख रुपये के भुगतान सहित संदिग्ध लेन-देन और संबंधित बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगाले जाएं।
साक्ष्यों की सुरक्षा: जांच से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही, जांच को प्रभावित करने की आशंका वाले अधिकारियों की भूमिका की नियमानुसार समीक्षा हो।
जांच की जानकारी सार्वजनिक हो: जांच की समय-सीमा और कार्रवाई की प्रगति जनता के सामने रखी जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

‘भ्रष्टाचार के आरोपों पर निष्पक्ष जांच जरूरी’

जीतू पटवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में सरकार की विश्वसनीयता निष्पक्ष जांच और जवाबदेही से तय होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल आवश्यक कदम उठाने और पूरे प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन आरोपों और मांगों के बीच मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। कथित घोटाले में आरोपों की पुष्टि, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और किसी भी संभावित अनियमितता पर अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

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