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बड़वानी में होगी पहली कृषि कैबिनेट, किसान कल्याण वर्ष को मिलेगी नई दिशा : CM डॉ. मोहन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत बड़वानी में पहली कृषि कैबिनेट होगी। कृषि, आदिवासी विकास, संस्कृति और नक्सल मुक्त एमपी पर बड़ा रोडमैप।

By: Abhinav Tiwari 
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बड़वानी में होगी पहली कृषि कैबिनेट, किसान कल्याण वर्ष को मिलेगी नई दिशा : CM डॉ. मोहन

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान राज्य सरकार की भावी योजनाओं और नीतिगत पहलों को लेकर महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है और इसी क्रम में पहली बार आदिवासी अंचल बड़वानी में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैबिनेट बैठक केवल कृषि तक सीमित नहीं होगी, बल्कि 17 विभागों और मंत्रालयों के समन्वय से पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) और सहकारिता जैसे क्षेत्रों को भी एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने की ठोस योजना बनेगी। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाते हुए ‘खेत से कारखाने तक और बाग से बाजार तक’ समृद्धि सुनिश्चित करना है।

आदिवासी अंचल से कृषि नीति को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जैसे आदिवासी क्षेत्र में कृषि कैबिनेट आयोजित करने का निर्णय सरकार की समावेशी विकास नीति को दर्शाता है। इससे आदिवासी किसानों की समस्याओं, संभावनाओं और स्थानीय संसाधनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनेगा स्मारक और विज्ञान पार्क

मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन के बाद अब 87 एकड़ भूमि पर एक भव्य स्मारक, साइंस पार्क, अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान विकसित किया जाएगा। यह संस्थान सम्राट राजा भोज की वैज्ञानिक अवधारणाओं और ज्ञान परंपरा से प्रेरित होगा, जिससे विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

नक्सलवाद से मुक्त मध्य प्रदेश, अब विकास का नया अध्याय

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवादी गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। उन्होंने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब उन क्षेत्रों में समग्र विकास पर फोकस किया जाएगा, जो पहले नक्सल प्रभावित रहे। इसी कड़ी में बालाघाट में ‘बैगा महोत्सव’ जैसे बड़े आयोजन की योजना है, जिससे जनजातीय संस्कृति और विकास को साथ जोड़ा जाएगा।

संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्वरूप

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान पर आधारित ‘विक्रमोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। साथ ही, आदिवासी अंचल के भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जन्मस्थली अलीराजपुर से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और क्रांतिकारी विरासत को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार से संवाद, विकास योजनाओं को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इन सभी विषयों को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी मुलाकात की है। इस दौरान राज्य के विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार किसान कल्याण, सांस्कृतिक गौरव और समग्र विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है और आने वाला समय राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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