Home उत्तर प्रदेश मजार हटाने के नोटिस पर किसान नेता ने लगाई गुहार, SDM ने कहा नेतागिरी न करें

मजार हटाने के नोटिस पर किसान नेता ने लगाई गुहार, SDM ने कहा नेतागिरी न करें

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

बाराबंकी: यूपी की योगी सरकार ने 11 मार्च को बड़ा फैसला लेते हुए सड़क किनारे अतिक्रमण कर अवैध तरीके से बनाये गए धार्मिक स्थलों को हटाने का फैसला किया था। इतनी ही नहीं राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलों के डीएम और मंडलायुक्तों को पत्र भेज कर निर्देश दिया गया है कि सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले सभी धार्मिक स्थलों को हटाया जाए। जिसके बाद राजजीति भी अपने चरम पर पहुंच गई है।

राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी से एक ऐसा मामला समने आया है, जिसे जानकर आप भी प्रशासन की तारीफ करने से रुक नहीं पायेंगे। दरअसल, एक  किसान नेता आशु चौधरी और उपजिलाधिकारी की पोस्ट पर तैनात एक आईएएस अधिकारी के बीच बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में किसान नेता SDM से कह रहे हैं कि मजार को ना हटाने की पैरवी कर रहें हैं।

वहीं दूसरी तरफ SDM नसीहत देते हुए किसान नेता से कह रहे हैं कि वह अपने काम से काम रखें, शासन के काम में दखलअंदाजी ना करें। आपको बता दें कि जिला प्रशासन ने बाराबंकी में सड़क किनारे से एक मजार को हटा दिया था। वहीं जिला प्रशासन ने सड़क किनारे या सड़क पर अतिक्रमण कर बने हुए धार्मिक स्थलों की सूची भी शासन को भेज दिया था।

जिसके बाद प्रशासन ने एक मजार को हटाने के लिए नोटिस जारी किया। नोटिस जारी होने के बाद किसान नेता आशु चौधरी ने वहां के एसडीएम से पैरवी की और एसडीएम ने उन्हें जमकर फटकार लगा दिया जिसका ऑडियो वायरल हो गया है।

किसान नेता यहीं नहीं मानें उन्होने SDM दिव्यांशु पटेल से मिलकर बात करने की इच्छा जताई, जिसके बाद SDM ने मना कर दिया। SDM ने आगे उनको नसीहत दिया कि इस मामले में नेतागिरी न करें। इसके बाद SDM ने किसानों से जुड़ी समस्या के बारें में पूछा। SDM दिव्यांशु पटेल ने इस संबंध में कहा कि सभी को नोटिस दी गई थी। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर हुई थी, जो डिस्पोज ऑफ हो गई है। उन्होने आगे कहा कि विपक्षी को यह साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है कि मजार या इबादतगाह जिस जमीन पर है, वह सुन्नी वक्फ बोर्ड की है।

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