त्योहारों का मौसम आते ही घरों में मिठाइयों और पकवानों की भरमार हो जाती है। लोग लड्डू, गुलाब जामुन और काजू कतली जैसी मिठाइयों का खूब आनंद लेते हैं। लेकिन इस दौरान खानपान पर ध्यान देते हुए लोग अक्सर पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। ज्यादा मीठा खाना और शरीर में पानी की कमी किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी का खतरा बढ़ा सकती है। खासकर उन लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है, जिन्हें पहले भी पथरी की समस्या हो चुकी है।
शरीर में पानी की कमी होने पर पेशाब गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में यूरिन में मौजूद मिनरल्स और लवण आपस में मिलकर छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाने लगते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं। त्योहारों में अधिक चीनी, नमक और मीठे पेय पदार्थों का सेवन भी इस खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा पारिवारिक इतिहास, डायबिटीज और गाउट जैसी स्थितियां भी किडनी स्टोन की आशंका बढ़ा सकती हैं।
किडनी में पथरी होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है। इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

अगर कमर या पेट में तेज दर्द के साथ बुखार, उल्टी या पेशाब में परेशानी हो रही है, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। किडनी स्टोन का इलाज उसकी स्थिति, आकार और स्थान पर निर्भर करता है। छोटी पथरी कुछ मामलों में अपने आप निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी के लिए विशेष मेडिकल प्रक्रिया या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।