किसी भी खिलाड़ी का बड़ा सपना होता है कि वह ओलंपिक में अपने देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल करे। उस एक गोल्ड मेडल के लिए खिलाड़ी दिन-रात मेहनत करते है। लेकिन इस ओलंपिक गोल्ड मेडल को एक खिलाड़ी ने रंग भेद के कारण अपने हाथों से नदी में फेंक दिया था। जी हां हम बात कर रहें है अमेरिका के महान मुक्केबाज मोहम्मद अली की।
साल 2016 में आज ही के दिन 3 जून को इस महान मुक्केबाज ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। करियर में 61 फाइट लड़ी, जिनमें से सिर्फ पांच में हार मिली। 1960 रोम ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। 18 साल की कम उम्र में अपने देश अमेरिका के लिए सम्मान जीता। मोहम्मद अली ने वो सब किया, जो एक खिलाड़ी के तौर पर अपने देश का नाम रोशन करने के लिए कोई कर सकता था।
मगर अपने करियर में 37 बार विपक्षी मुक्केबाजों को नॉकआउट करने वाला यह महान खिलाड़ी अपने ही देश में रंगभेद से हार गया। मोहम्मद अली का नाम कैसियस क्ले जूनियर था।
रोम ओलंपिक में महज 18 साल की उम्र में उन्होंने तहलका मचा दिया था। विपक्षी मुक्केबाज उनके खिलाफ एक भी अंक हासिल नहीं कर पाए और यह युवा मुक्केबाज हर फाइट को 5-0 के अंतर से जीतता चला गया और ओलंपिक गोल्ड हासिल किया।
युवा कैसियस क्ले को लगा कि देश को इतना बड़ा सम्मान दिलाने के बाद तो हर कोई प्यार करेगा। सम्मान देगा, लेकिन ऐसा नहीं था…।