उज्जैन:मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शनिवार को उज्जैन दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर निर्माण से जुड़े फंड के उपयोग पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े एक कथित जमीन मामले का भी उल्लेख किया।
प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए फंड के उपयोग को लेकर पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का नाम लेते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े एक कथित जमीन मामले का भी जिक्र किया। उनका दावा था कि इस संबंध में उनके पास कुछ दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिनका अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक फैसलों और अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और सरकार से जवाबदेही की मांग करता रहेगा।
हालांकि, दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में भाजपा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।